Angel Chakma: देहरादून में MBA की पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस हत्या के बाद सीएम धामी ने कहा है कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, वहीं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी इसपर सवाल खड़े गए किए थे, अब घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने PIL दायर कर देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे पूर्वोत्तर और अन्य सीमावर्ती राज्यों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है.
हेट क्राइम की हो एक अलग कैटेगरी
याचिकाकर्ता वकील अनूप प्रकाश अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि केंद्र और सभी राज्यों को इस मामले में जरूरी दिशा निर्देश जारी करें. उन्होंने कहा जब तक नस्लीय अपमान को रोकने के मुद्दे पर कानून नहीं बन जाता सुप्रीम कोर्ट व्यापक गाइडलाइंस जारी कर ‘नस्लीय अपमान’ को हेट क्राइम की एक अलग कैटेगरी घोषित कर इसके लिए सजा तय करे. इसके अलावा याचिका में मांग की गई है कि केंद्रीय स्तर के साथ-साथ राज्य के स्तर पर एक नोडल एजेंसी/आयोग या निदेशालय बनाया जाए. जहां इस तरह के नस्लीय अपराधों की रिपोर्ट की जा सके और उनका समाधान किया जा सके.
साथ ही साथ ये भी मांग की गई है कि कोर्ट केंद्र और राज्यों को निर्देश दे कि वे हर जिले में नस्लीय अपराधों से निपटने के लिए एक खास पुलिस यूनिट गठित करें. केंद्रीय स्तर के साथ-साथ हर राज्य के स्तर पर नस्लीय भेदभाव और उसके समाधान के तरीकों पर शैक्षणिक संस्थानों में वर्कशॉप कराई जाएं.
क्या है मामला
इसी महीने की 9 तारीख को एंजेल चकमा और उनका छोटा भाई माइकल देहरादून के सेलाकुई इलाके में राशन लेने जा रहे थे. तभी 6 लोगों के एक ग्रुप ने उन्हें रोका और उन पर नस्लीय आधारित कमेंट करते हुए उन्हें चीनी कहना शुरू कर दिया. खुद को चीनी सुनने के बाद एंजेल ने शांति से इसका विरोध किया और कहा कि मैं चीनी नहीं हूं. हम भारतीय हैं. हमें यह साबित करने के लिए सबूत देने की जरूरत है? इसके बाद एंजेल की इसी बात से भड़ककर 6 लोगों के ग्रुप ने उनपर चाकू से हमला शुरू कर दिया. जिसमें एंजेल चकमा बुरी तरह से घायल हो गए थे और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
