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Manoj Muntashir Recalls PM Modi Letter: ‘गलियां’, ‘तेरे संग यारा’, ‘कौन तुझे’, ‘फिर भी तुमको चाहूंगा’ और ‘तेरी मिट्टी’ जैसे हिट गानों की सौगात देने वाले कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर ने फिल्म ‘मोदी स्टोरी’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां हीराबेन मोदी के रिश्ते को लेकर एक बेहद इमोशनल एक्सपीरियंस शेयर किया. उन्होंने बताया कि मां के निधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनके लिए 17 पन्नों की एक चिट्ठी लिखी थी. इस खत को रिकॉर्ड करना उनके लिए बेहद मुश्किल था.
भावनाएं इतनी गहरी थीं कि रिकॉर्डिंग के दौरान कई बार उन्हें रुकना पड़ा. ये एक्सपीरियंस उनकी जिंदगी के सबसे इमोशनल पलों में से एक था. मनोज ने बताया कि मां को खोने से बड़ा कोई दुख इस दुनिया में नहीं होता. उन्होंने कहा, ‘दुनिया की हर चीज दोबारा मिल सकती है, लेकिन मां की जगह कोई नहीं ले सकता’. उनके मुताबिक, चाहे बेटा कितना भी मजबूत क्यों न हो, मां के जाने के बाद वो अंदर से टूट जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस दर्द से अलग नहीं थे, जिसका अंदाजा उनकी चिट्ठी से लगाया जा सकता था.
पीएम मोदी की मां के नाम 17 पन्नों की चिट्ठी
उन्होंने कहा, ‘फर्क सिर्फ इतना था कि देश की जिम्मेदारी उठाने वाला इंसान अपने दुख को भी संयम में ढाल लेता है’. मनोज ने बताया कि हीराबेन मोदी सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की मां नहीं थीं, बल्कि उनकी मार्गदर्शक और सबसे बड़ी ताकत भी थीं. वे उनकी जिंदगी की पहली गुरु थीं, जिन्होंने उन्हें संस्कार, सादगी और सेवा का रास्ता दिखाया. मनोज के मुताबिक, पीएम मोदी की लिखी चिट्ठी की हर पंक्ति में मां के लिए असीम प्रेम, गहरी कृतज्ञता और बीते पलों की यादें साफ झलकती हैं, जो किसी की भी आंखें नम कर दे.
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चिट्ठी को 10 बार रोए मनोज मुंतशिर
उन्होंने कहा कि ये खत किसी नेता का नहीं, बल्कि एक बेटे के टूटे दिल की आवाज है. मनोज मुंतशिर ने बताया कि जब उन्हें ये चिट्ठी अपनी आवाज में रिकॉर्ड करने का मौका मिला, तो उन्हें लगा था कि काम जल्दी पूरा हो जाएगा. लेकिन जैसे-जैसे वे पंक्तियां पढ़ते गए, भावनाओं का सैलाब उमड़ता गया. उन्होंने कहा, ‘हर दो लाइन के बाद मुझे रुकना पड़ता था’. रिकॉर्डिंग के दौरान करीब 10 बार उनकी आंखें भर आईं और कई बार आधे घंटे तक काम रोकना पड़ा, ताकि खुद को संभाल सकें.
चिट्ठी में साफ दिखा मां-बेटे का पवित्र रिश्ता
मनोज ने बताया कि ये चिट्ठी बेहद मार्मिक और करुणा से भरी हुई थी. उन्होंने बताया, ‘जब-जब मैं उन शब्दों को पढ़ता था, मेरा गला भर आता था’. उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था, जैसे उन्होंने खुद अपनी मां को खो दिया हो. उस दर्द और खालीपन को शब्दों में उतारना आसान नहीं था. ये एक्सपीरियंस उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशनल काम नहीं, बल्कि एक इमोशनल सफर बन गया था. मां-बेटे के इस पवित्र रिश्ते पर बात करते हुए मनोज मुंतशिर ने कहा कि इस संबंध का अपमान करना बेहद दुखद है.
2022 में हुआ था पीए मोदी की मां का निधन
उनके मुताबिक, ये चिट्ठी सिर्फ एक बेटे का अपनी मां के लिए प्यार नहीं दिखाता, बल्कि ये भी बताता है कि पीएम मोदी के व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों के निर्माण में हीराबेन मोदी की कितनी अहम भूमिका रही. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन का निधन 30 दिसंबर, 2022 को 99 की उम्र में हुआ था. पीएम मोदी अपनी मां के बेहद करीब थे. वे जब भी उसने मिलने जाया करते थे तो सबसे पहले उनके पैर पानी से धुला करते थे और फिर उनके साथ से खाना खाया करते थे.
