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Maharshtra Politics: महाराष्ट्र के अमरावती जिले में केरल के 1 पादरी समेत 7 अन्य लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए पैसे देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. यह घटना अब एक बड़ा राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. केरल के मुख्यमंत्री ने इस गिरफ्तारी को बेहद परेशान करने वाला बताया है. वहीं कांग्रेस ने भी घटना को लेकर भाजपा पर ईसाइयों को चुन-चुनकर निशाना बनाने का आरोप लगाया. 

केरल के मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी 

घटना को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,’ नागपुर में जबरन धर्मांतरण के आरोप में एक मलयाली ईसाई पादरी, उसके परिवार और सहयोगियों की गिरफ्तारी बेहद चिंताजनक है. यह घटना संघ परिवार द्वारा अपनाए जा रहे उस चिंताजनक रवैये का अनुसरण करती है, जिसमें अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जाता है, जैसा कि पहले जबलपुर में देखा गया था. ऐसे कृत्य संवैधानिक स्वतंत्रता को कमजोर करते हैं.’ 

 

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धर्म परिवर्तन को लेकर गिरफ्तारी 

पुलिस की ओर से दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक मंगलवार 30 दिसंबर 2025 को स्थानीय निवासी रितेश बोंद्रे के घर के सामने एक टेंट लगाया गया था, जिसमें सफेद कपड़े पहने एक व्यक्ति ग्रामीणों को ईसाई धर्म के बारे में उपदेश दे रहा था. शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि सभा में मौजूद लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए पैसे की पेशकश की जा रही थी. पुलिस ने बताया,’ शिकायत के अनुसार वे कह रहे थे कि हमारे धर्म में आओ और प्रोत्साहन के तौर पर पैसे और नौकरी की पेशकश कर रहे थे. 

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कांग्रेस ने साधा निशाना 

पुलिस ने शिकायत के बाद घटनास्थल का मुआयना किया और बोंद्रे को हिरासत में ले लिया. पूछताछ के दौरान आनंदकुमार कारी, सुधीर विलियम जॉन विलियम, विक्रम गोपाल संदे और 4 महिलाओं के नाम सामने आए. इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन बाद में अदालत में पेश किए जाने के बाद सभी को जमानत मिल गई. गिरफ्तारियों को लेकर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा,’ बीजेपी शासित राज्यों में हर हफ्ते ईसाइयों को केवल अपने धर्म का पालन करने के लिए चुनिंदा रूप से निशाना बनाया जा रहा है.’