
Consular access: भारत ने पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय कैदियों, जिनमें सिविल कैदी और मछुआरों के अलावा लापता भारतीय रक्षा कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला किया है. भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान से इन सभी को रिहा कर वापस भारत भेजने की मांग की है. विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज करते हुए इसकी जानकारी दी है. भारत ने पाकिस्तान की जेल में बंद सभी कैदियों को कॉन्सुलर एक्सेस देने के लिए कहा है, जो उनको अभी तक मिला नहीं है. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान से कहा गया है कि वो अपनी कस्टडी में बंद 35 भारतीय सिविल कैदियों और मछुआरों को तुरंत कॉन्सुलर एक्सेस दे.
कैदियों का मौलिक अधिकार
कॉन्सुलर एक्सेस वो होता है, जब कोई नागरिक विदेशी हिरासत में लिया गया हो तो उसको उसके देश के राजनयिकों से उसे मिलने और उसका हालचाल जानने की इजाजत मिलती है. साथ ही हिरासत में लिए गए कैदी के परिवार से संपर्क कराने के साथ-साथ अन्य सहायता भी प्रदान करने की अनुमति मिलती है. ये अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत मिलने वाला कैदी का मौलिक अधिकार होता है. इसमें कैदियों को उनके देश के अधिकारियों से मिलने का अधिकार होता है. कॉन्सुलर एक्सेस एक ऐसा द्विपक्षीय समझौते जिसमें 2008 के नियमों तहत विदेशी हिरासत में कैदियों की लिस्ट हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को एक्सचेंज की जाती हैं.
कितने कैदी जेली में बंद?
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में के अनुसार भारत और पाकिस्तान ने आज नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक चैनलों के जरिए भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और फैसिलिटी पर हमले पर रोकने वाले समझौते के तहत आने लिस्ट एक्सचेंज की है. भारत और पाकिस्तान के बीच ये समझौता 31 दिसंबर 1988 को हुआ था, जिसको 27 जनवरी 1991 को लागू किया गया था. समझौते के अनुसार यह प्रावधान है कि भारत और पाकिस्तान हर साल 1 जनवरी को न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और फैसिलिटी के बारे में एक-दूसरे को बताएंगे. भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बार ये लिस्ट एक्सचेंज 1 जनवरी 1992 से शुरू हुआ था.
अब तक लगातार 35 बार इस लिस्ट को एक्सचेंज किया जा चुका है, वहीं विदेश मंत्रालय पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और सिविल कैदियों की रिहाई और उन्हें वापस भेजने में तेजी लाने को कहा गया है. ये वो कैदी हैं जिन्होंने पाकिस्तान की जेलों में अपनी सजा पूरी कर ली है.
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कितने कैदी रिहा?
हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है कि दोनों देशों के बीच ये लिस्ट साझा की है. भारत सरकार ने 2014 से अभी तक 2661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय सिविल कैदियों को वापस लाई है. 2023 के बाद से 500 मछुआरों और 71 भारतीय सिविल कैदी भी शामिल हैं, जिनको भारत लाया गया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने अभी पाकिस्तान को 391 सिविल कैदी और 33 मछुआरों की डिटेल्स वाली लिस्ट भेजी है, जो पाकिस्तानी हैं या जिन्हें पाकिस्तानी माना जाता है. वहीं पाकिस्तान ने 58 सिविल कैदियों औ 199 मछुआरों की लिस्ट शेयर की है. जो भारतीय हैं या भारतीय माना जाता है.
इनपुट–आईएएनएस
