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फिल्म रिव्यू: आजाद भारत
कलाकार: श्रेयस तलपड़े, सुरेश ओबेरॉय, रूपा अय्यर, इंदिरा तिवारी, डॉ. सुभाष चंद्र, प्रियांशु चटर्जी, सुचेंद्र प्रसाद
अवधि: 2 घंटे
रेटिंग: 3

Azad Bharath Film Review: महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ऐसी क्रांतिकारी थे जिनकी बातें आज भी लोगों के बीच गूंजती हैं. इन्होंने ‘आजाद हिंद फौज’ का गठन कर अंग्रेजों के खिलाफ संगठन का नेतृत्व किया. इसके साथ ही कई ऐसे नारे दिए जो युवाओं में जोश भर देते थे. ये नारा था – ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा.’ नेताजी के जीवन की कहानी को बड़े पर्दे पर उताया गया है. ये एक पीरियड ड्रामा फिल्म आजाद हिंद फौज की पृष्ठभूमि पर आधारित है. खास तौर पर उसकी महिला रानी झांसी रेजिमेंट पर. ये फिल्म ‘आजाद भारत’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है तो चलिए आपको बताते हैं कि ये मूवी कैसी है.

कौन थीं नीरा आर्या?

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भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में कई वीरांगनाओं का भी अहम योगदान रहा है और ऐसी ही एक फ्रीडम फाइटर नीरा आर्या थीं. सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में नीरा आर्या काम करती थीं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान की दुश्मन बनी अंग्रेज सरकार में सीआईडी इंस्पेक्टर अपने पति श्रीकांत को भी नीरा ने जान से मार दिया था. 

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रूपा अय्यर का दमदार रोल

इस फिल्म में नीरा आर्या की मुख्य भूमिका रूपा अय्यर ने निभाई है. रूपा आर्या के चेहरे के एक्सप्रेशन और गुस्सा आपको पूरी फिल्म में काफी गहरा असर डालेगा. वो अंग्रेजों का अत्याचार सहती हैं लेकिन हिम्मत ना हारकर उनका डटकर सामना करती हैं. अपने इस किरदार को निभाने में रूपा ने जान फूंक दी है. मूवी में एक सीन दिखाया गया है जब वो अपने पति श्रीकांत को मार देती है. उस वक्त वो ऐसा डायलॉग बोलती है जो आपको अंदर तक हिलाकर रख देगा. ये डायलॉग है ‘तुम जैसे अंग्रेजों के कुत्ते के हाथ मे नेताजी कभी नहीं आने वाले.’ 

जम गए श्रेयस तलपड़े

जहां एक ओर रूपा आर्या ने दमदार रोल निभाया तो वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रूप में श्रेयस तलपड़े ने भी गहरी छाप छोड़ी. फिल्म को देखने के बाद इतना जरूर कहा जा सकता है कि ये किरदार उनके निभाए गए बाकी रोल में सबसे दमदार है. पूरी फिल्म में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की गरिमा और चेहरे की संजीदगी को शुरू से आखिर तक इन्होंने बनाके रखा हुआ है.

जहां तक निर्देशन का सवाल है रूपा अय्यर हर मोर्चे पर बेहतरीन रही हैं. इस मूवी को देखकर लग रहा है कि फिल्म को लेकर उन्होंने काफी रिसर्च की है. वैसे तो ये फिल्म रियल इंसीडेंट पर बेस्ड है मगर कहानी में ट्विस्ट और टर्न दर्शकों को पसंद आएंगे. इस मूवी में दिखाए गए ट्रेनिंग के सीन जोश और जज्बे से भरे हैं. जो आपको शुरू से आखिर तक इंगेज कर सकते हैं. एक्टिंग और डायरेक्शन के अलावा फिल्म में कई ऐसे डायलॉग का इस्तेमाल हुआ है जो आपके दिल को छू जाएंगे. ये वो डायलॉग हैं जिसे आपने कभी किस्से कहानियों में पढ़ा या फिर सुना होगा. ऐसे में इन डायलॉग्स बड़ी स्क्रीन पर सुनना काफी अलग एक्सपीरियंस देता है.