News in Brief

Safety points To avoid accidents: सर्दियों के मौसम में सुबह और शाम के वक्त यात्रा करने से बचने की कोशिश करनी चाहिए. क्योंकि इस वक्त विजिब्लिटी बहुत ज्यादा कम होती है, जिसके चलते सड़क हादसों का खतरा बना रहा है. लेकिन अगर यात्रा कर रहे हैं तो चालक या फिर यात्री होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि वाहन की स्पीड को कम रखा जाए ताकि इमरजेंसी के वक्त गाड़ी को नियंत्रण में रखा जा सके. इतना ही नहीं नॉर्मल  स्पीड से यात्रा करने के चलते आप सड़क पर चल रहे दूसरे वाहनों और अन्य गतिविधियों पर भी नजर बनाए रख सकते हैं, जिसमें सड़क से अचानक गुजरने वाले जानवर और राहगीर भी शामिल हैं. 

गाड़ी की गर्म ऐसी खतरनाक
सर्दियों के दिनों में अकसर देखा जाता है कि ड्राइवर या फिर सवारियां ठंड से बचने के लिए गाड़ी के सभी शीशे पूरी तरह बंद कर लेते हैं. वहीं गाड़ी में गर्म एसी का उपयोग ड्राइवर अक्सर करते हैं, ताकि शीशे पर धुंध न जमे, लेकिन काफी बार ये घातक हो सकता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि गाड़ी में अधिक गर्माहट होने के वजह से ड्राइवर और सवारियों को नींद का एहसास होने लगता है, जो की सड़क यात्रा के दौरान बेहद खतरनाक हैं. इसलिए बेहद जरूरी है गाड़ी के शीशे को हल्के नीचे रखे जाएं ताकि ड्राइवर ठंड के इस मौसम में गर्माहट की वजह से झपकी न लेने लगे. इसलिए एक जागरूक नागरिक और यात्री होने के नाते आपका फर्ज बनता है कि अपने और साथियों के जीवन को खतरे में न डालें.  

यातायात नियमों का पालन 
सर्दियों में यात्रा करने वाले चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. जिसमें फोग लाइट के इस्तेमाल से लेकर सड़क के बीचों बीच बनी सफेद पट्टी का अनुसरण करना बेहद आवश्यक है. ऐसा करने से आप सड़क किनारे चल रहे राहगीरों के लिए खतरा नहीं बनेंगे और आप किसी भी तीव्र मोड़ और ब्रेकर पर होने वाली दुर्घटना से बच सकते हैं. साथ ही कोहरे के मौसम में गाड़ियों को ओवरटेक करने से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा गाड़ी के इंडिकेटर का इस्तेमाल सर्दियों के मौसम में करना बेहद जरूरी है. जो आपके साथ-साथ अन्य लोगों की यात्रा को सुरक्षित बना सकता है. यात्रियों का भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ड्राइवर यातायात नियमों का पालन कर रहा है या नहीं. ड्राइवर की तरफ से ज्यादा स्पीड और यातायात नियमों का पालन न करने की स्थिति में आप चालक को रोक सकते हैं. 

Add Zee News as a Preferred Source

यह भी पढ़ें: घर बैठे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे जमीन के दस्तावेज, खरीद-बिक्री और लोन मिलने में होगी आसानी

बातचीत करते रहें 

सवारी के तौर पर आपको ड्राइवर की गतिविधियों पर भी ध्यान रखना चाहिए, जिसमें गाड़ी की स्पीड और ड्राइवर की मानसिक स्थिति भी शामिल है. इसके साथ- साथ आपको यात्रा के दौरान नींद से भी बचना चाहिए और साथी यात्रियों के साथ बातचीत करते हुए यात्रा करनी चाहिए ताकि ड्राइवर को बिल्कुल बोरियत महसूस न हो. काफी बार हादसों की वजह ड्राइवर को नींद की झपकी आना भी होता है, इसका सबसे कारण गाड़ी में यात्रा करने वाले यात्रियों का सो जाना भी शामिल है. ऐसा भी देखा जाता है कि यात्रा के वक्त कुछ यात्री नींद में होते हैं और हादसे के चलते उनकी नींद अचानक टूटने से उनको गहरा आघात लग सकता है, बेशक हादसा कितना ही छोटा क्यों न हो. इस तरह की घटनाओं से बचने लिए सावधानी के तौर पर आप एक समय अंतराल के बाद गाड़ी चालक से ठहराव के लिए भी अपील कर सकते हैं. ऐसा करने से सवारियां और ड्राइवर भी फ्रेश महसूस करेंगे.