What Shashi Tharoor say on Mustafizur Rahman removal from KKR: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. जिसमें बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिज़ुर रहमान को आईपीएल टीम केकेआर से रिलीज करने को कहा गया है. थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बीसीसीआई की ओर से इस तरह के निर्देश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे खेल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं.
‘लिटन दास या सौम्य सरकार होते तो क्या यही व्यवहार होता’
अपने ट्वीट में थरूर ने पूछा कि अगर इसी तरह की स्थिति में कोई और बांग्लादेशी खिलाड़ी जैसे लिटन दास या सौम्य सरकार, होते तो क्या उनके साथ भी यही व्यवहार किया जाता? उनका कहना था कि असल सवाल यह है कि सजा किसे दी जा रही है. किसी व्यक्ति को, किसी देश को या फिर उसकी धार्मिक पहचान को.
थरूर के मुताबिक, खेल को इस तरह राजनीति में घसीटना खतरनाक है और इससे खेल की मूल भावना को नुकसान पहुंचता है. उनका तर्क है कि खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि क्रिकेट जैसे वैश्विक खेल को राजनीतिक खींचतान से ऊपर रखा जाना चाहिए.
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ तेज हो रहा दमन चक्र
थरूर की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ दमन चक्र लगातार तेज हो रहा है. मोहम्मद यूनुस के मूक समर्थन की वजह से कट्टरपंथियों की भीड़ चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बना रही है. उन्हें पकड़कर जिंदा जलाया जा रहा है, घरों में आग लगाई जा रही और काम से निकाला जा रहा है.
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे इस जुल्म पर पूरे देश में गुस्सा भड़का हुआ है और लोग जगह-जगह यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंदुओं पर हो रहे इस जुल्म पर आईपीएल में खेलने वाले बांग्लादेशी खिलाड़ी मौन हैं और उनके मुंह से विरोध का एक स्वर तक नहीं निकला है. जिससे लोगों का सब्र जवाब दे रहा है.
शशि थरूर के पोस्ट ने लोगों में छेड़ दी नई बहस
ऐसे माहौल में दिग्गज एक्टर और केकेआर के मालिक शाहरुख खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिज़ुर रहमान को टीम में लेने का ऐलान किया, जिससे देशभर में विरोध शुरू हो गया. लोगों ने शाहरुख से इस फैसले को वापस लेने की मांग की. जनता की भावनाओं को देखते हुए बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेशी खिलाड़ी को रिलीज करने का निर्देश दिया. जो अब शशि थरूर को पसंद नहीं आया है.
ऐसे में कांग्रेसी सांसद शशि थरूर के ट्वीट ने खेल प्रेमियों के बीच बहस छेड़ दी. कुछ लोगों ने थरूर के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि उनकी राष्ट्रीयता से. वहीं कुछ का मानना है कि क्रिकेट बोर्डों को अपने देश की नीतियों और सुरक्षा चिंताओं का भी ध्यान रखना पड़ता है.बहरहाल थरूर की टिप्पणी के बाद बीसीसीआई की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
