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RSS Chief Mohan Bhagwat: अपने बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले RSS चीफ मोहन भागवत ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत इंटरनेशनल ट्रेड कर रहा है लेकिन किसी देश के दबाव में नहीं हैं. चाहे कोई देश टैरिफ लगाए या दबाव बनाए, भारत ने आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुन लिया है और उसी पर चलना चाहिए. इसके अलावा क्या कुछ कहा आइए जानते हैं. 

भारत है संस्कृति का नाम
इसके अलावा भागवत ने आगे कहा कि भारत के साथ अगर कुछ अच्छा या बुरा होता है, तो इसके लिए हिंदुओं से सवाल किया जाएगा. भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र (ज्योग्राफिकल इलाका) नहीं है, बल्कि एक विचार, संस्कृति और चरित्र का नाम है. साथ ही कहा विदेश जाकर पढ़ाई करने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन असली मकसद उस ज्ञान को भारत के लिए इस्तेमाल करना होना चाहिए. आज का युवा स्वाभाविक रूप से देशभक्त है और राष्ट्रवाद की गहरी भावना समाज और देश की ज्यादा सेवा में बदलेगी.

एकजुट समाज बनाना है मकसद
युवाओं को एक्टिव रूप से हिस्सा लेने के लिए बुलाते हुए कहा, 100 सालों तक, कई लोगों ने संघ के साथ मिलकर यह पक्का किया कि ज्ञान और स्किल्स का इस्तेमाल देश के हित में हो. संघ किसी के खिलाफ नहीं है इसका एकमात्र मकसद एक मजबूत और एकजुट समाज बनाना है.

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विश्व गुरु भी बनना है
बीते दिन भागवत ने कहा था कि हमें सिर्फ सुपर पावर ही नहीं, विश्व गुरु भी बनना है. इसके लिए भागवत ने हिंदुओं से अपील की है कि वे भारत को विश्व कल्याण के लिए ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में काम करें. उन्होंने आगे कहा,’सनातन धर्म को ऊपर उठाने का समय आ गया है. जो प्रक्रिया 100 साल पहले शुरू हुई थी, उसे अब और तेजी से आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है.’