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Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में बीजेपी और महायुति गठबंधन ने अपने प्रदर्शन से हर किसी को चौंका दिया. पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो बीजेपी ने 1400 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है. इस चुनाव के लिए ठाकरे बंधु भी एक हो गए लेकिन दोनों भाई मिलकर भी कोई जादू नहीं कर पाए, इस हार के बाद शिवसेना उद्धव ठाकरे के गुट ने प्रदेश के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर जमकर हमला बोला है. शिंदे पर मौकापरस्ती का आरोप लगाया है. 

नहीं है असली मतलब
सामना में आगे आरोप लगाया कि अगर पावर, पैसा और यहां तक ​​कि इलेक्शन कमीशन जैसी संवैधानिक संस्थाओं को भी कठपुतली बना दिया जाए, तो चुनावी लहरें बनावटी तरीके से बनाई जा सकती हैं. अगर पावर, पैसा और यहां तक ​​कि इलेक्शन कमीशन को भी कठपुतली बना दिया जाए, तो चुनावों में कोई भी रैंडम लहर बनाई जा सकती है. ऐसी लहरों और राजनीतिक मंथन का कोई असली मतलब नहीं है.

मौकापरस्ती का लगाया आरोप
मुंबई समेत 26 म्युनिसिपल बॉडीज में, एक तथाकथित BJP लहर उठी और उस पर सवार होकर, “शाह सेना” जैसी मौकापरस्त ताकतें किनारे तक पहुंच गईं. जब गाइडिंग प्रिंसिपल ‘कोई आइडियोलॉजी नहीं, कोई स्टैंड नहीं’ हो जाता है, तो चुनाव खुद ही जरूरी नहीं रह जाते. BJP और शाह सेना ने 100 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है. हालांकि शिवसेना (UBT)-MNS अलायंस ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन सरकार और इलेक्शन कमीशन का मनमाना काम उनके खिलाफ निर्णायक साबित हुआ. 

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गड़बड़ी का किया दावा 
इससे पहले UBT सेना ने रात तक जारी काउंटिंग प्रोसेस में गड़बड़ी का दावा किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूरा रिजल्ट आने से पहले ही जश्न मनाना शुरू कर दिया. इसके अलावा आरोप लगया कि पूरे देश की नजर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई पर थी. बड़े पैमाने पर करप्शन, इंक स्कैम, EVM में गड़बड़ी, पैसे बांटने और फर्जी और डबल वोटिंग के दम पर नतीजों की पूरी घोषणा से पहले ही BJP ने जो जश्न शुरू कर दिया, वह खुद कथित चुनावी घोटाले का हिस्सा है. यह महाराष्ट्र और मराठी लोगों के लिए एक चेतावनी है. 

पीएम मोदी पर साधा निशाना
साथ ही सामना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके “अमृत काल” में न तो चुनाव सही तरीके से हुए और न ही न्याय मिला. इसमें दावा किया गया कि पोलिंग के 24 घंटे बाद भी, चुनाव अधिकारी वोटर टर्नआउट का ऑफिशियल डेटा जारी करने में नाकाम रहे, जबकि BJP के पक्ष में एग्जिट पोल टीवी चैनलों पर तब दिखाए गए जब वोटर अभी भी लाइनों में खड़े थे. सैकड़ों वोटर अपने वोट का इस्तेमाल नहीं कर पाए, जबकि चुनाव आयोग एक अजगर की तरह शांत पड़ा रहाय मोदी के “अमृत काल” में न तो कोर्ट में इंसाफ मिलता है और न ही चुनाव सही तरीके से होते हैं.

बीजेपी को मिली कितनी सीटें
BMC के जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, BJP ने 89 सीटें जीतीं, उसे 11,79,273 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 21.58 परसेंट है. सभी जीतने वाले कैंडिडेट्स में, BJP का वोट शेयर 45.22 परसेंट है, जिससे वह सिविक बॉडी में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। उसकी अलायंस पार्टनर, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 2,73,326 वोटों के साथ 29 सीटें हासिल कीं, जो कुल वोट शेयर का 5.00 परसेंट हैय साथ मिलकर, BJP-शिवसेना (शिंदे) का गठबंधन BMC में सबसे बड़ा ग्रुप बनकर उभरा. दूसरी तरफ, MNS के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली शिवसेना (UBT) ने 65 सीटें जीतीं. UBT की लीडरशिप वाली सेना को 7,17,736 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 13.13 परसेंट था. MNS ने 74,946 वोट और 1.37 परसेंट वोट शेयर के साथ गठबंधन की गिनती में 6 सीटें जोड़ीं. इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) को 24 सीटें मिलीं, उसे 2,42,646 वोट मिले, जो कुल वोट शेयर का 4.44 परसेंट है. (ANI)