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Uddhav Thackeray: BMC के चुनावी नतीजों की शुक्रवार को घोषणा हो चुकी है. जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसके लिए शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान और डिप्टी सीएम शिंदे के एक फैसले को बड़ी वजह माना जा रहा है. जिसके चलते मुंबई में मेयर चुनाव से पहले हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाएं जोरों पर हैं. 

दरअसल, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में हार के बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया. उन्होंने कहा कि मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) का मेयर बनाना उनका सपना है और अगर भगवान की इच्छा हुई तो ये सपना जरूर पूरा होगा. उद्धव ठाकरे ने मुंबई में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस चुनाव में हमारी हार नहीं बल्कि मुश्किल हालात में एक सम्मानजनक जीत है. 

सत्ता पक्ष पर आरोप
उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को बीएमसी परिणाम का असली शिल्पकार बताया. उन्होंने यह भी कहा कि कम संसाधनों के बावजूद चुनाव में जो नतीजा आया है वो उनके लिए गर्व की बात है. इस दौरान उन्होंने भाजपा और सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला. उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग आरोप लगाते हुए इसे विश्वासघात से जीता हुआ चुनाव बताया. उन्होंने यह भी कहा वो कागजों पर शिवसेना खत्म मानते हैं, लेकिन जमीन पर शिवसेना को कभी खत्म नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे कार्यकर्ताओं की निष्ठा खरीदी नहीं जा सकती. उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में मुंबई को गिरवी रखने का आरोप भी लगाया.

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शिंदे को किस बात का डर? 
दरअसल, 227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है. हालांकि, बीजेपी और शिवसेना के पास क्रमश: 89 और 29 के आंकड़े से बहुमत से 4 सीटें ज्यादा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन आंकड़ों के बावजूद और उद्धव ठाकरे के बयान के बाद शिंदे कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं. इसलिए सावधानी के तौर पर पार्षदों को होटल में रखने का फैसला लिया है. आपको बता दें कि बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निगम मानी जाती है, जिसके मेयर पद को लेकर सियासी खींचतान आने वाले दिनों में और ज्यादा तेज हो सकती है. 

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