News in Brief

Shaina NC: बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार सहित विमान में सवार सभी व्यक्ति की मौत हो गई. उनकी मौत से पूरे देश को करारा झटका लगा है. उनके निधन के बाद कई नेताओं ने जांच की मांग की, जिसे लेकर शिवसेना लीडर शाइना NC ने सस्ती पॉलिटिक्स की आलोचना की साथ पवार के लंबे पॉलिटिकल सफर और पर्सनल जुड़ाव को भी याद किया. जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा. 

हिल गया महाराष्ट्र
शाइना ने कहा कि इस नुकसान ने पूरे महाराष्ट्र राज्य को हिलाकर रख दिया है. हमारे उनसे फैमिली रिलेशन थे. वह 50 साल तक पॉलिटिक्स में एक्टिव रहे, यह महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा नुकसान है. अजित पवार के साथ, चार और लोगों, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO), एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर्स की भी क्रैश में जान चली गई. सभी पीड़ितों के प्रति संवेदना जताते हुए, शाइना ने उनमें से हर एक का नाम लिया और उनकी सर्विस को सराहा.

परिवार की प्रति संवेदनाएं
उन्होंने आगे कहा कि हम परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जताते हैं. उनके साथ, जाधवजी, जो उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर थे, पिंकी माली, जो फ्लाइट में फ्लाइट अटेंडेंट थीं, कैप्टन सुमित कपूर, जो फ्लाइट के पायलट थे, जिन्हें 16,500 घंटे उड़ान का अनुभव था, और शांभवी पाठक, जो इस पूरी फ्लाइट की को-पायलट थीं, के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. उनकी यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस (TMC) चीफ ममता बनर्जी के प्लेन क्रैश में संभावित गड़बड़ी का संकेत देने और घटना की सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग करने के बाद आई है.

Add Zee News as a Preferred Source

सस्ती राजनीति कर रहा विपक्ष
ममता बनर्जी के आरोपों को लेकर शाइना ने विपक्ष से कॉन्सपिरेसी थ्योरी को एक तरफ रखकर स्थिति की गंभीरता को समझने को कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी सस्ती पॉलिटिक्स खेलने में बिजी है. ममता बनर्जी को इस मौके पर आगे आना चाहिए और समझना चाहिए कि एक नेता जो 66 साल का है और 6 टर्म तक महाराष्ट्र का डिप्टी CM रहा है, वह कोई छोटी तारीफ नहीं है.

थ्योरी घर पर रखें
इसके अलावा कहा कि जहां तक ​​विपक्ष का सवाल है, कृपया अपनी कॉन्सपिरेसी थ्योरी घर पर रखें. पवार को एक काबिल लीडर के तौर पर याद किया जाएगा, जिन्होंने जमीनी लेवल पर काम किया और जमीन पर नतीजे दिए. एक ऐसे इंसान के तौर पर जो रैंक में ऊपर उठा है, यह उनका योगदान है, सिर्फ बारामती में एक काबिल एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर नहीं, बल्कि एक नए जमाने के पॉलिटिशियन के तौर पर भी जिसे जमीन पर काम करने वाले के तौर पर याद किया जाएगा. (ANI)