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West Bengal Fire News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पास 26 जनवरी को लगी आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है. पुलिस की ओर से बताया गया कि जली हुई इमारतों से 13 और लोगों के शवों को निकाला गया है. हालांकि, अभी भी 28 लोग लापता हैं. पुलिस को आशंका है मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है. सुरक्षा घेरा बढ़ाए जाने के कारण किसी को भी घटनास्थल पर नहीं जाने दिया जा रहा है. विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और अन्य बीजेपी नेता भी घटना वाली जगह पर नहीं पहुंच पाए हैं. 

दरअसल, कोलकाता के पास दक्षिण 24 परगना जिले के आनंदपुर में लगी भीषण आग में दो गोदाम और एक मोमो कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जलकर राख हो गई. इस घटना को लेकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की प्रकृति और नुकसान की सीमा को देखते हुए, मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

बीजेपी पहुंची HC

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स्थिति को देखते हुए और बीजेपी के तमाम नेताओं के प्रस्तावित दौरे से पहले बुधवार आधी रात से इलाके में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. मामले में पुलिस अधिकारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बचाव और पहचान के काम में आसानी के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है. उधर, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने घटनास्थल पर जाने और पास के मंदिर से उस जगह तक मार्च निकालने की इजाज़त के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. इस याचिका पर आज सुनवाई होने की संभावना है. 

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भीषण आग में सबकुछ खाक 

रविवार रात को लगी भीषण आग के कारण गोदाम और एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट मलबे में बदल गए. इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की जान गई हैं. इसके अलावा अन्य कई लोगों के लापता होने की संभावना है. अधिकारियों ने बताया कि 21 बरामद शवों या शरीर के हिस्सों की पहचान स्थापित करने के लिए गुरुवार को डीएनए मैपिंग शुरू होने की संभावना है. एक अधिकारी का कहना है कि इस मामले में डीएनए प्रोफाइलिंग ज़रूरी है क्योंकि कई शव बुरी तरह से जल गए हैं और पारंपरिक तरीकों से पहचान संभव नहीं है.

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