Goa: भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत को 3 गुना करने की दिशा में कोयला देश के ऊर्जा मिश्रण में केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा. यह बात कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त ने भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के तीसरे दिन आयोजित एक नेतृत्व पैनल में कही. ‘सुरक्षित ऊर्जा मिश्रण में कोयले की बदलती भूमिका: संतुलित और व्यवहारिक दृष्टिकोण’ विषय पर आयोजित सत्र में विक्रम दत्त ने कहा कि ऊर्जा संक्रमण के लिए यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए सस्ती, भरोसेमंद और सतत बेसलोड बिजली एक अनिवार्यता है.
वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयला अब भी महत्वपूर्ण: अमेरिका
विक्रम दत्त ने कहा कि कोयला जल्दी कहीं जाने वाला नहीं है. हमारा मंत्र ‘फेज आउट’ नहीं, बल्कि जमीनी वास्तविकताओं के अनुरूप ‘फेज डाउन’ है. उन्होंने यह भी कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और जलवायु प्रतिबद्धताओं के बावजूद, कोयला भारत की विकास आवश्यकताओं की रीढ़ बना रहेगा.
वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए, अमेरिका के ऊर्जा विभाग में हाइड्रोकार्बन और भू-तापीय ऊर्जा के सहायक सचिव काइल हॉस्टवाइट ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयला अब भी महत्वपूर्ण बना हुआ है. उन्होंने कहा कि कोयला भरोसेमंद, सस्ती और मौसम व बाजार की अस्थिरता से परे स्थिर ऊर्जा प्रदान करता है. साथ ही, उन्होंने स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों, कोयला गैसीकरण, कार्बन उपयोग और उच्च गुणवत्ता वाले धातुकर्म कोयले के व्यापार में भारत-अमेरिका सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया.
बढ़ती मांग को पूरा करने में कोयला अब भी अहम: कोल इंडिया लिमिटेड
उद्योग की ओर से, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बी. साईराम ने कहा कि कोयला भारत के ऊर्जा संक्रमण में एक सेतु और सक्षमकर्ता की भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि भारत की प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में केवल एक-तिहाई है और बढ़ती मांग को पूरा करने में कोयला तब तक अहम रहेगा, जब तक नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण प्रणालियां पूरी तरह विकसित नहीं हो जातीं.
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पैनल में कोयला गैसीकरण, कोयला से रसायन और स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों में उभरते अवसरों पर भी चर्चा हुई. सचिव विक्रम देव दत्त ने कहा कि व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) और सतही व भूमिगत कोयला गैसीकरण की पायलट परियोजनाओं के माध्यम से सरकार इन तकनीकों को बढ़ावा दे रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि कोयले से प्राप्त राजस्व का उपयोग हरित ऊर्जा अवसंरचना के विकास में किया जा सकता है, जिससे संतुलित ऊर्जा संक्रमण को बल मिलेगा. इस बीच आपको बता दें कि भारत ऊर्जा सप्ताह (IEW) देश का प्रमुख वैश्विक ऊर्जा मंच है, जो सुरक्षित, सतत और किफायती ऊर्जा भविष्य की दिशा में प्रगति को गति देने के लिए नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और नवप्रवर्तकों को एक साथ लाता है.
एजेंसी इनपुट के साथ…
