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NOTAM For Bay of Bengal: भारत ने 5 और 6 फरवरी को बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बार फिर NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया है, जिससे संभावित मिसाइल परीक्षण को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. इस बार जारी NOTAM का दायरा पहले के लगभग 2,530 किलोमीटर से बढ़ाकर करीब 3,190 किलोमीटर कर दिया गया है. इसके साथ ही निर्धारित अवधि के दौरान इस क्षेत्र से आगे भी हवाई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, यानी नोटिफाइड जोन में किसी भी तरह की उड़ान की अनुमति नहीं होगी.

विस्तारित NOTAM को देखते हुए रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत किसी महत्वपूर्ण और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली के परीक्षण की तैयारी कर सकता है. करीब 3,190 किलोमीटर तक फैला प्रतिबंधित क्षेत्र किसी रणनीतिक गतिविधि की ओर इशारा करता है, जिसे समुद्र आधारित मिसाइल परीक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा या प्रक्षेपण किस प्लेटफॉर्म से होगा.

गौरतलब है कि इससे पहले भी 22 से 24 दिसंबर के बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर लगभग 3,240 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाला NOTAM जारी किया गया था. लगातार इस तरह के नोटिफिकेशन यह संकेत देते हैं कि भारत लंबी दूरी की परीक्षण गतिविधियों के एक तय पैटर्न पर काम कर रहा है.

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क्या होता है NOTAM

NOTAM यानी Notice to Airmen एक आधिकारिक चेतावनी होती है, जो नागरिक और सैन्य विमानन एजेंसियों को किसी विशेष अवधि के लिए निर्धारित हवाई क्षेत्र में संभावित खतरे या प्रतिबंधों की जानकारी देने के लिए जारी की जाती है. आमतौर पर इसे मिसाइल परीक्षण, रॉकेट लॉन्च, सैन्य अभ्यास या अन्य संवेदनशील गतिविधियों के दौरान हवाई और समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया जाता है.

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हाल के वर्षों में, भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रणालियों के विकास में सक्रिय रूप से योगदान दिया है. देश ने मिसाइल प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे उसकी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हुई है. मिसाइल विकास को व्यापक रूप से किसी राष्ट्र की सैन्य शक्ति और क्षेत्रीय प्रभाव का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है, और भारत की हालिया प्रगति इस क्षेत्र में इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को उजागर करती है.