Rahul Gandhi on Budget 2026: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में आज पेश हुए संघीय बजट की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा. विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट आ रही है. निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं. घरेलू बचत में भारी कमी आ रही है. किसान संकट में हैं और वैश्विक संकटों की आशंकाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि यह एक ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है और भारत के वास्तविक संकटों से अनभिज्ञ है.
‘देश में बढ़ी बेरोजगारी का इंतजाम नहीं’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पेश होने के बाद इसकी कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह बजट देश की वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज करने वाला है. इसमें युवाओं, किसानों और अर्थव्यवस्था के प्रमुख मुद्दों के लिए कोई बात नहीं की गई है.
राहुल गांधी ने कहा कि देश में बेरोजगारी दर हाल के वर्षों में बढ़ी है. खासकर 15 से 29 वर्ष तक के युवाओं को काम नहीं मिल रहा है. उनमें बेरोजगारी दर 10 प्रतिशत रही है. लेकिन बजट में उनके रोजगार सृजन के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है.
‘महंगाई कम करने पर कोई बात नहीं की गई’
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार से इस क्षेत्र को ऊपर उठाने के लिए ठोस घोषणा की उम्मीद थी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कुछ ऐलान किए गए हैं लेकिन यह नाकाफी हैं.
Youth without jobs.
Falling manufacturing.
Investors pulling out capital.
Household savings plummeting.
Farmers in distress.
Looming global shocks – all ignored.A Budget that refuses course correction, blind to India’s real crises.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
राहुल गांधी ने कहा कि बाजारों में अस्थिरता है. घबराहट में निवेशक अपनी पूंजी निकाल रहे हैं. इससे वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका भी बढ़ रही है. इसके बावजूद सरकार की ओर से इस बारे में बजट में कोई प्रावधान नहीं दिख रहा है.
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‘पूरी तरह जनविरोधी है ये बजट’
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और आय में असमानता की वजह से लोगों की बचत क्षमता तेजी से घट रही है. इसके चलते घरेलू बचत में भारी कमी आई है. सरकार को इस स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए थे लेकिन बजट में ऐसा नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट पूरी तरह जनविरोधी है और इसमें मध्यम वर्ग की पूरी तरह अनदेखी की गई है.
