Global Big Cat Summit 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को संसद में आम बजट पेश किया. निर्मला सीतारमण पहली महिला वित्तमंत्री बनी हैं, जिन्होंने लगातार नौ बार बजट पेश किया है. आम बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं. इस बीच वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए बताया कि भारत इस वर्ष पहली बार आयोजित होने वाले वैश्विक बिग कैट शिखर सम्मेलन (IBCA) की मेजबानी करेगा. इस शिखर सम्मेलन में संरक्षण के लिए सामूहिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाना है. इसमें एक साथ दुनिया के 95 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और मंत्री हिस्सा लेंगे. यह पहला मौका है, जब भारत इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है.
दरअसल, लोसभा में रविवार को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य बिग कैट्स की सात प्रजातियों और उनके पर्यावासों के संरक्षण हेतु वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है. सीतारमण की ओर से कहा गया कि इस वर्ष भारत पहली बार वैश्विक बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. जिसमें 95 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और मंत्री संरक्षण के लिए सामूहिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे.
क्या है इस समिट का उद्देश्य?
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बाघ, शेर, तेंदुए, हिम तेंदुए, चीता और जगुआर जैसी प्रजातियों के घर वाले देशों के बीच सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना की गई थी. चूंकि भारत विश्व में जंगली बाघों की सबसे बड़ी आबादी का घर है. इतना ही नहीं प्रोजेक्ट टाइगर और चीतों के पुनर्प्रवेश जैसी पहलों के माध्यम से बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है. इन सब के बीच वित्त मंत्री की ओर से ये घोषणा वन्यजीव संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए भारत के प्रयासों को और मजबूत करती है.
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इन पगडंडियों को विकसित करने की घोषणा
आज के आम बजट में वित्त मंत्री ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, पूर्वी घाट की अरकु घाटी और पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय पगडंडियों को विकसित करने की भी घोषणा की. इसके साथ ही बताया गया कि ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के प्रमुख घोंसला बनाने वाले स्थलों को संरक्षण से जुड़े पर्यावरण-पर्यटन मार्गों के रूप में विकसित किया जाएगा. इतना ही नहीं निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने बयानबाजी के बजाय सुधार और लोकलुभावनवाद के बजाय जनता को चुना है.
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