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India Boosting Defence Sector : भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार अपने डिफेंस सेक्टर में एडवांस टेक्नोलॉजी और हथियारों पर जोर दे रहा है. अब इसको लेकर DRDO के अध्यक्ष समीर वी कामत ने लंबी दूरी की एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल की विशेषता को लेकर बात की. उन्होंने कहा,’ हमने 2 डेवलेपमेंट ट्रायल किए हैं. हम तीसरा ट्रायल भी करने जा रहे हैं. इन टेस्ट के पूरा होने के बाद, हम इसे यूजर इवेलुएशन टेस्ट के लिए उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराएंगे. इसके बाद इन मिसाइलों को शामिल किया जाएगा. हमें इस सिस्टम पर पूरा भरोसा है और यह हमारी सेवाओं के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी. इसमें हमारी वर्तमान ब्रह्मोस मिसाइल की तुलना में कहीं अधिक क्षमताएं होंगी क्योंकि यह ब्रह्मोस की तुलना में कहीं अधिक तेज स्पीड से यात्रा करती है और इसकी फायर पावर भी काफी ज्यादा होगी. इसलिए यह निश्चित रूप से हमारी सेवाओं के शस्त्रागार में एक बड़ा इजाफा करेगी. हम इसी मिसाइल के जमीनी हमले वाले वर्जन पर भी काम कर रहे हैं, लेकिन वह एंटी-शिप वर्जन की तुलना में अभी शुरुआती चरण में है. हमारे पास एयर लॉन्चिंग वर्जन शुरू करने की योजना है, लेकिन यह ग्राउंड लॉन्च या शिप लॉन्च वर्जन के पूरा होने के बाद ही होगा.’ 

इंटीग्रेशन के लिए तैयार होगा इंजन

DRDO के अध्यक्ष समीर वी कामत ने एयरो इंजनों के बारे में कहा,’ इंजन का विकास एक लंबी प्रक्रिया है. वैश्विक स्तर पर भी देखें तो किसी भी इंजन डेवलेपमेंट प्रोग्राम को प्लेटफॉर्म में इकट्ठा होने से पहले मैच्योरिटी तक पहुंचने में 10-13 साल लगते हैं. इसलिए अगर CCS इस साल मंजूरी दे देता है तो मेरा अनुमान है कि साल 2035-2036 तक इंजन इंटीग्रेशन के लिए तैयार हो जाएगा. फिर इसके एक्सेप्टेंस टेस्ट होंगे. हम प्लेटफॉर्म के साथ इंजन के डेवलपमेंट ट्रायल काफी पहले ही कर लेंगे, लेकिन आखिरी एक्सेपटेंस टेस्ट 2035 में शुरू होंगे. AMCA के पहले 2 स्क्वाड्रन GE F414 इंजन के साथ बांटे जाएंगे. यह इंजन बाद में ही आएगा. AMCA की डिलीवरी 2034-2035 तक शुरू हो जानी चाहिए.’ 

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कब बनेगा इंडिजीनियस सिस्टम? 

समीर वी कामत ने भविष्य में विकसित किए जाने इंडिजीनियस सिस्टम को लेकर कहा,’हमारा ध्यान एयरो-इंजनों पर फोकस रहेगा. हमारा ध्यान मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहनों (Unmanned Comabt Aerial Vehicle) पर रहेगा. हम कई डीप-टेक टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहे हैं, जो भविष्य में हमारी सभी सिस्टम के लिए आवश्यक होंगी. इसलिए हम क्वांटम टेक्नीक, AIML (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग) टेक्नीक, एडवांस मटेरियल पर ध्यान दे रहे हैं और ये तकनीकें हमारी ओर से डेवलप की जाने वाली किसी भी सिस्टम में शामिल होंगी.’ 

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बजट पर क्या बोले DRDO के अध्यक्ष? 

DRDO के अध्यक्ष समीर वी कामत ने केंद्रीय बजट 2026 पर कहा,’ रक्षा क्षेत्र के लिए बजट बहुत अच्छा है. न केवल इंडिजीनियस सिस्टम के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये किया गया है, बल्कि कुल मिलाकर इसे बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो देश के अंदर सिस्टम के डेवलेपमेंट के लिए बेहद पॉजिटिव है. DRDO के संबंध में, हमारे कैपिटल बजट में भी 15.6% की वृद्धि की गई है, जिससे हमें नई टेक्नोलॉजी के साथ-साथ नई इंडिजीनियस सिस्टम को डेवलप करने में मदद मिलेगी.’