आतंकियों की खैर नहीं. वे जंगल में छिपे हों, पेड़ पर बैठे हों या बर्फ में बंकर में छिपे हो… भारतीय सेना एक साथ दो संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आतंकियों के मंसूबों पर ‘वज्रपात’ कर रही है. जी हां, जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई और बर्फीले इलाकों में सेना एक साथ दो बड़े ऑपरेशन चला रही है. कुछ घंटे पहले उधमपुर जिले के बसंतगढ़ के जंगली इलाके में सुरक्षा बलों की आतंकवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई. सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया है कि आतंकियों को घेर लिया गया है. ‘ऑपरेशन किया’ अभी जारी है. इसके साथ-साथ ऑपरेशन त्राशी-1 चल रहा है. इसके तहत बीते 15 दिनों में आतंकियों के साथ चार बड़े एनकाउंटर हुए हैं.
अब ‘ऑपरेशन किया’ खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया जॉइंट ऑपरेशन है. इसमें काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (CEF) डेल्टा के जवानों ने आतंकियों का पता लगाया और मंगलवार शाम 4 बजे के करीब बसतंगढ़ में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने इन्हें घेर लिया. भारतीय सेना की 16वीं कोर ने जानकारी दी थी कि गोलीबारी के साथ ऑपरेशन चल रहा है. 
अधिकारियों के मुताबिक दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादी जंगल में घिरे हो सकते हैं. घेराबंदी के अंदर वे फंसे हुए हैं. इससे पहले सुरक्षा बलों ने रविवार देर रात उधमपुर के रामनगर में तलाशी अभियान चलाया था. सोमवार को आसपास के मार्टा, कुलथियन, सोहन और चौर मोट्टू इलाकों में भी गहन तलाशी अभियान चला. रामगढ़ के जंगलों और राजौरी जिले के कलास टॉप, पुंछ, कठुआ, डोडा और रियासी जिलों के ऊपरी इलाकों में भी भाग रहे आतंकवादियों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन चल रहा है. इधर कुछ घंटे से सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर हो रहे हैं जिसमें छोटी सी गुफा में आतंकी की मूवमेंट दिखाई देती है. अगर यह सच है तो ड्र्रोन की मदद से बड़ी सफलता मिल रही है.
video fom udhampur encounter (without any watemark). 2 pakistani jesh terrorist can been seen inside a cave, surrounded. Kind of perfect for FPV drones pic.twitter.com/un5gnQdFPN
— Spadex95 (@spadex950) February 3, 2026
पिछले 15 दिनों की बात करें तो 18 जनवरी को किश्तवाड़ जिले के जंगल वाले चतरू बेल्ट में ऑपरेशन त्राशी-I शुरू किया गया था. बुधवार को यह 18वें दिन में प्रवेश कर गया. सैनिक छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने के लिए घुटनों तक बर्फ में चलते रहे. व्हाइट नाइट कोर कमांडर ने सोमवार को जिले का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की.
#WhiteKnightCorps | #OperationalReadiness
The #GOC #WhiteKnightCorps, accompanied by GOC CIF (Delta), visited general area of Kishtwar to review the counter-terrorism grid and assess the operational preparedness of units deployed in the region. He was briefed on the prevailing… pic.twitter.com/EfQeTqRoQ3
— White Knight Corps (@Whiteknight_IA) February 2, 2026
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ऑपरेशन त्राशी-I के तहत सुरक्षा बलों ने 18 जनवरी को मंडराल-सिंहपोरा, चतरू के पास सोनार जंगल में एनकाउंटर किया. इस दौरान आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिनमें से एक की बाद में मौत हो गई.
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22 जनवरी को सिंहपोरा में छिपे हुए आतंकवादियों के साथ एक और गोलीबारी हुई.
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24 जनवरी को फिर एनकाउंटर हुआ जिसमें एक पाकिस्तानी जैश आतंकवादी मारा गया.
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31 जनवरी को डोलगाम में फिर गोलीबारी हुई. सुरक्षा उपाय के तौर पर 30 जनवरी से सिंहपोरा, चिंगम और चतरू को कवर करने वाले 6 किमी के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं.
बर्फबारी के बीच ऑपरेशन त्राशी-I
हां, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF मिलकर यह ऑपरेशन चला रही है. किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र के घने जंगलों में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी छिपे हैं. इन्हें ढूंढकर ठिकाने लगाना मकसद है. यह ऑपरेशन 18 जनवरी 2026 को विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था. यह दुर्गम जंगली इलाकों में केंद्रित है.
इस ऑपरेशन में चुनौती यह है कि सुरक्षा बल भीषण ठंड में भारी बर्फबारी और कठिन पहाड़ी रास्तों पर चलते हुए आतंकियों को ढूंढ रहे हैं. निगरानी के लिए ड्रोन, हेलीकॉप्टर और स्निफर डॉग्स की भी मदद ली जा रही है.
