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Nishikant Dubey on Rahul Gandhi News: पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे की अभी तक पब्लिश न हुई किताब के कथित अंश लोकसभा में पढ़ने के मुद्दे पर सियासी बवाल लगातार बढ़ता जा रहा है. सरकार की ओर से बुधवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मोर्चा संभाला. वे कांग्रेस नेताओं पर लिखी 150 किताबों की सूची लेकर लोकसभा पहुंचे और स्पीकर से उनमें मौजूद उद्धहरण देने की अनुमति मांगी. लेकिन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेती ने नियमों का हवाला देते हुए परमीशन देने से इनकार कर दिया. 

सदन में हुआ जबरदस्त हंगामा

इस मुद्दे पर सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ. जिसके बाद कांग्रेस सांसदों ने कागज फाड़कर सभापति की ओर उछाले. यह देख सभापति ने लोकसभा गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. सदन स्थगित होने बाद विपक्ष के कई सांसद निशिकांत दुबे की तरफ बढ़ने की कोशिश करने लगे. जिसे अश्विनी वैष्णव और कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने रोककर वापस भेजा. 

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दलित सांसदों ने स्पीकर से की शिकायत

सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेती पर कागज फेंकने से नाराज सत्तापक्ष के दलित सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से मिलकर शिकायत की. उन्होंने मांग की कि कागज फेंकने वाले विपक्षी सांसदों पर कार्रवाई की जाए. उनहा कहना था कि चेयर पर बैठे दलित समाज से आने वाले सांसद (तनेटी) की तरफ पेपर उछालना उनका अपमान है.

निशिकांत दुबे ने फोड़ दिया लेटर बम

लोकसभा स्थगित होने के बाद निशिकांत दुबे ने अपने एक्स हैंडल पर लेटर बम फोड़ा. भूतपूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू का एक पत्र पोस्ट करके दुबे ने लिखा, ‘कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा और कांग्रेस की लंका में आग लग जाएगी? नेहरु-गांधी परिवार जानी दुश्मन हो जाएगा?’

सदन में क्यों भड़का हुआ है विवाद?

संसद में यह विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब “मेमॉयर” के कथित अंश सदन में उठाने से भड़का है. कांग्रेस नेता का दावा है कि मोदी सरकार ने लद्दाख में चीन से निपटने में पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई. जिसका उल्लेख कथित रूप से नरवणे ने अपनी किताब में किया है. 

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कांग्रेस के नहले पर बीजेपी का दहला

वहीं बीजेपी का कहना है कि जो किताब अब तक पब्लिश ही नहीं हुई. उसके अंशों को सदन में कैसे कोट किया जा सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर सदन में राहुल गांधी को बार-बार टोका. लेकिन जब राहुल नहीं माने तो बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे 150 किताबों की सूची बनाकर बुधवार को सदन में ले आए और स्पीकर से उनमें मौजूद उद्धरण देने की मांग की.