News in Brief

Parliament Budget Session: संसद में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का पीएम मोदी आज बुधवार 4 फरवरी 2026 को शाम 5 बजे जवाब देने वाले थे, हालांकि विपक्षी सदस्यों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को 3 बार स्थगित करने के बाद इसे 5 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके चलते पीएम मोदी का संबोधन नहीं हो सका. इसको लेकर विपक्ष ने तरह-तरह की बयानबाजी शुरु कर दी है.    

कल्याण बनर्जी का बयान 

संसद में पीएम का भाषण न होने पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा,’ आज व्यापार सलाहकार समिति में यह तय हुआ था कि पीएम मोदी बोलेंगे तो फिर वे आज क्यों नहीं आए. वह डर के मारे भाग गए.’ बता दें कि सदन में विपक्ष की ओर से जोरदार नारेबाजी और बाधा डालने के चलते लोकसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब नहीं दे पाए. अब यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पीएम गुरुवार 5 फरवरी 2026 को अपना भाषण देंगे या नहीं. 

ये भी पढ़ें- J-K: उधमपुर के बाद किश्तवाड़ में सेना का प्रहार, जमकर बरस रही गोलियां, घिरे 2-3 आतंकवादी 

Add Zee News as a Preferred Source

 

‘जब भी मोदी जी को डराया जाता है, वे संसद से भाग जाते हैं…’ 

संसद का बजट सत्र भंग होने और पीएम मोदी का भाषण स्थगित होने पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा,’ जब भी मोदी जी को डराया जाता है, वे संसद से भाग जाते हैं. उन्हें शाम 5 बजे बोलना था, लेकिन वे भाग गए. जिस जोर-शोर से उन्होंने कहा कि वह किताब मौजूद नहीं है (पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब जिसका राहुल गांधी ने हवाला दिया था), जबकि वह मौजूद थी. इसमें हमारी क्या समस्या है? यह कांग्रेस, सपा, तृणमूल का मामला नहीं है बल्कि सरकार राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब में हमारे भाषण को अनिवार्य नहीं कर सकती.’  

ये भी पढ़ें- ‘सिर्फ नाम काटने के लिए किया जा रहा इस्तेमाल…,’ SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, ममता बनर्जी ने लगाया बंगाल को टारगेट करने का आरोप

 

SIR पर अपना मामला खुद लड़ रहीं ममता बनर्जी 

महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से खुद सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ मामला लड़ने को लेकर बात करते हुए कहा,’ आपने देखा होगा कि पहली बार किसी मौजूदा मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में अपना मामला लड़ा. अपने लिए नहीं बल्कि राज्य के ज्वलंत मुद्दे के लिए. 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. चुनाव आयोग डर गया, उन्होंने समय मांगा. दूसरी बात वहां मौजूद माइक्रो ऑब्जर्वर एक असंवैधानिक पद है. 8,000 लोगों को बाहर से लाया गया था. बाहर दीदी ने यह मुद्दा उठाया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग की सहायता के लिए अधिकारियों को तैनात करेगा और माइक्रो ऑब्जर्वर्स के लिए कोई जगह नहीं है. अगली सुनवाई सोमवार को है, दीदी फिर आएंगी.’