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Islamabad Mosque Blast: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में  6 फरवरी 2026 को शिया समुदाय की मस्जिद में जोरदार धमाका हुआ, जिसकी वजह से 31 लोगों की जान चली गई जबकि 169 लोग हादसे में घायल हो गए हैं. इस घटना की भारत ने कड़ी निंदा की है और दुख जताते हुए हमले के लिए बाहरी ताकतों को जिम्मेदार ठहराने की पाकिस्तान की कोशिश को खारिज कर दिया. जानिए भारत ने क्या कुछ कहा. 

भारत ने दावे को किया खारिज
एक ऑफिशियल बयान में भारत ने कहा कि पहले हुआ बॉम्बिंग निंदनीय था और पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई. बयान में आगे कहा गया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने के गहरे मुद्दों को सुलझाने के बजाय, अपनी घरेलू बुराइयों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराकर खुद को धोखा दे रहा है. भारत ने अपने खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप को साफ तौर पर खारिज कर दिया और उन्हें बेबुनियाद और बेकार बताया. सरकार ने कहा कि ऐसे दावे अंदरूनी चुनौतियों से ध्यान भटकाते हैं और हिंसा के कारणों को सुलझाने में मदद नहीं करते हैं. 

कहां हुआ धमाका
डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि शुक्रवार की नमाज के दौरान इस्लामाबाद के एक इमामबाड़े में हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 31 लोग मारे गए हैं, और 169 घायल हुए हैं. धमाका तरलाई इलाके में इमामबाड़ा खदीजा-तुल-कुबरा में हुआ. इसमें आगे बताया गया कि गृह राज्य मंत्री, तलाल चौधरी ने इस्लामाबाद में मीडिया को बताया कि हमलावर अफगान नहीं था, लेकिन अधिकारियों ने फोरेंसिक टेस्ट से यह पता लगा लिया है कि वह कितनी बार अफगानिस्तान गया था.

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जीत का किया था दावा
ये धमाका ऐसे समय पर हुआ जब बलूच लिबरेशन आर्मी ने ऑपरेशन हेरोफ II में जीत का दावा किया. बयान में बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान 93 BLA लड़ाके मारे गए. इनमें मजीद ब्रिगेड के 50 फिदायीन, फतेह स्क्वाड के 26 लड़ाके और स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड (STOS) के 17 लड़ाके शामिल थे. ऑपरेशन में मजीद ब्रिगेड, STOS, फतेह स्क्वाड, ZIRAB (इंटेलिजेंस विंग) और हक्कल (मीडिया विंग) समेत BLA की सभी बड़ी यूनिट्स ने हिस्सा लिया. पाकिस्तानी आर्मी, फ्रंटियर कॉर्प्स, पुलिस और स्टेट-स्पॉन्सर्ड डेथ स्क्वाड के सदस्यों समेत 362 से ज्यादा दुश्मन सैनिक मारे गए. सत्रह दुश्मन सैनिक पकड़े गए. जिसमें दस की पहचान बलूच के तौर पर हुई, उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, जबकि सात अभी भी BLA की कस्टडी में हैं. (ANI)