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Rohit Pawar on Ajit Pawar Death News: एनसीपी (अजित पवार गुट) के अध्यक्ष अजित पवार के प्लेन क्रैश में मारे जाने के बाद भी उनकी मौत को लेकर सवाल बने हुए हैं. उनके भतीजे और एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि यह मौत स्वाभाविक नहीं थी. कई ऐसे सवाल हैं, जिनका अब तक जवाब सामने नहीं आए हैं. उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर लोगों के मन में कई संदेह हैं. वे उन सब सवालों के बारे में 10 फरवरी को विस्तार से बताएंगे. 

‘हर किसी के मन में कई सवाल और संदेह’

उन्होंने कहा, ‘अजीत दादा चाहते थे कि पूरा परिवार एकजुट हो जाएगा. वे हमेशा पार्टी कार्यकर्ताओं की भलाई चाहते थे. वे अपनी तरह की विचारधारा वाले लोगों के चुने जाने की इच्छा रखते थे. जब दोनों धड़ों में विलय की बात आगे बढ़ रही थी तो उससे पहले यह दुखद हादसा हो गया. इससे हर किसी के मन में कई सवाल और संदेह बने हुए हैं. मैं 10 फरवरी को इस बारे में मुंबई में प्रेजेंटेशन देकर बताऊंगा कि क्रैश क्यों हुआ और कैसे हो सकता है.’

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‘क्या मर्जर का मुद्दा भावनात्मक था या राजनीतिक’

रोहित परिवार ने कहा कि अजित दादा के जाना के बाद परिवार एकजुट है. सबको साथ लेकर चलने के जो प्रयास दादा ने किए थे, उसे हम आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने बताया कि वे 12 फरवरी को बताएंगे कि अजित दादा की असल मंशा क्या था. वे दोनों गुटों में विलय क्यों चाहते थे. क्या मर्जर का मुद्दा भावनात्मक था या इसमें कोई राजनीतिक एंगल भी था. इस बारे में वे डिटेल में वे इस गुरुवार को बात करेंगे. 

घड़ी चिह्न पर दोनों गुटों ने लड़ा चुनाव

उन्होंने बताया कि जिला परिषद चुनावों के लिए एनसीपी के दोनों धड़ों ने हाथ मिलाया है. दोनों गुट ‘घड़ी’ चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं. यह एकता आगे भी बनी रहेगी. इसके लिए पार्टी के सभी नेता और परिवार के लोग मिल-जुलकर प्रयास करेंगे. 

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28 जनवरी को हुआ था अजित पवार का देहांत

बताते चलें कि पिछले महीने 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में हुए प्लेन क्रैश में राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार की मौत हो गई थी. उनके साथ ही दुर्घटना में प्लेन के दोनों पायलट, सुरक्षाकर्मी और पीए की भी जान चली गई थी. यह घटना तब हुई , जब वे जिला परिषद के चुनाव में अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए बारामती जा रहे थे.