Ahmedabad Plane Crash Investigation: 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एयर इंडिया की फ्लाइट 171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान था. इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी. विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी. वहीं जमीन पर मौजूद 19 लोग भी इस हादसे का शिकार हो गए थे. विमान ने उड़ान भरने के करीब 32 सेकंड बाद ही दोनों इंजनों की ताकत खो दी और मेडिकल छात्रों के हॉस्टल पर गिर गया था.
क्या कहती है नई रिपोर्ट
इटली के अखबार ने पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जांच में किसी तकनीकी खराबी के सबूत नहीं मिले हैं. साथ ही कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर की साफ की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग के विश्लेषण से यह पता चला कि किस पायलट ने फ्यूल स्विच को रन से कटऑफ की स्थिति में किया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि अंतिम रिपोर्ट में विस्तार से बताया जाएगा या सीधे तौर पर किसी एक पायलट को जिम्मेदार ठहराया जाएगा या नहीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि शक की सुई विमान के कमांडर सुमीत सभरवाल की ओर है जिनकी इस हादसे में मौत हो गई थी.
भारतीय एजेंसियों की चुप्पी
इस खबर पर भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और Ministry of Civil Aviation ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. अमेरिकी जांच एजेंसी NTSB के प्रवक्ता पीटर सी. नुडसन ने भी अखबार को भारतीय एजेंसी से संपर्क करने को कहा है.
पायलट संगठनों और परिवार की नाराजगी
भारतीय पायलट संघ और सुमीत सभरवाल के परिवार ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि हादसे का दोष एक पायलट पर डालने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने विमान बनाने वाली कंपनी, एयरलाइन और अन्य संभावित कारणों की भी गहराई से जांच की मांग की है.
जांच में अमेरिका की भूमिका
दिसंबर में AAIB के अधिकारी वॉशिंगटन गए थे. वहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में ब्लैक बॉक्स के डेटा का दोबारा विश्लेषण किया गया. खास तौर पर कॉकपिट की ऑडियो रिकॉर्डिंग को साफ कर दोबारा सुना गया. रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑडियो से साफ हो गया कि किस पायलट ने फ्यूल स्विच बंद किए और इसे गलती मानने की संभावना को खारिज किया गया.
बता दें, अमेरिकी विशेषज्ञों ने बोइंग 787 पर कई सिम्युलेटर टेस्ट भी किए लेकिन उन्हें ऐसा कोई तकनीकी कारण नहीं मिला जिससे दोनों इंजन अपने आप बंद हो जाएं. इसलिए मानवीय हस्तक्षेप ही सबसे बड़ा कारण माना गया.
इंजन बंद होने का क्रम
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी विशेषज्ञों ने बताया कि पहले बाएं इंजन ने काम करना बंद किया जहां कप्तान बैठते हैं. उसके बाद दायां इंजन बंद हुआ. आखिरी पलों में सह-पायलट क्लाइव कुंदर का कंट्रोल ऊपर की ओर था जिससे वह विमान को ऊपर उठाने की कोशिश कर रहे थे जबकि कप्तान का कंट्रोल स्थिर था.
शुरुआती रिपोर्ट में यह बताया गया था कि फ्यूल स्विच रन से कटऑफ पर ले जाए गए जिसके बाद दोनों इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए. कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट की आवाज सुनाई देती है, जो पूछता है ‘आपने इंजन क्यों बंद किए?’ दूसरा जवाब देता है, ‘मैंने नहीं किया’ लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि कौन क्या कह रहा था.
अंतरराष्ट्रीय दबाव की बात
अखबार के मुताबिक भारत के रुख में बदलाव के पीछे अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव भी एक कारण हो सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देशों ने भारतीय एयरलाइनों की सुरक्षा रेटिंग की दोबारा समीक्षा की चेतावनी दी थी. इससे भारत की छवि पर असर पड़ सकता था खासकर ऐसे समय में जब देश हवाई यात्रा, पर्यटन और व्यापार में बड़ा निवेश कर रहा है. सूत्र के हवाले से अखबार ने लिखा कि अगर यह मान लिया जाए कि पायलट की गलती थी तो इसे एक कबूल करने लायक बलिदान माना जा रहा है.
अंतिम रिपोर्ट पर नजर
सूत्रों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट को जारी करने से पहले राजनीतिक स्तर पर भी देखा जाएगा. संभव है कि रिपोर्ट की भाषा को थोड़ा नरम रखा जाए, ताकि देश में बड़ा विवाद न हो सके.
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