News in Brief

Owaisi on Tipu Sultan: महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से कर दी है जिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी नाराजगी जताई है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बयान को शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि, टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना करना बहुत गलत है और कांग्रेस नेता को इसके लिए शर्म आनी चाहिए. इसपर असदुद्दीन ओवैसी ने टीपू सुल्तान को शहीद बताया है और उनके इस बयान को कांग्रेस के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है. 

ओवैसी ने क्या दिया बयान?
ओवैसी ने सावरकर पर निशाना साधते हुए कहा कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों को कभी माफी मांगने के लिए लव लेटर नहीं लिखे और न ही उनसे कभी माफी मांगी. टीपु सुल्तान ने देश को आजाद कराने के लिए अपनी तलवार उठाई और अंग्रजों से लड़ते-लड़ते अपनी जान दे दी. ओवैसी ने आगे कहा कि, ‘टीपु सुल्तान की उंगली में जो अंगूठी मिली थी उस पर राम लिखा हुआ था’.

यह भी पढ़ें: 17 फरवरी की ताजपोशी से पहले बड़ा कूटनीतिक संदेश, तारिक रहमान ने PM मोदी को बुलाया; जाएंगे या नहीं?

Add Zee News as a Preferred Source

अब्दुल कमाल को किया याद
ओवैसी ने आगे कहा कि, ‘क्या यह सच नहीं है कि अब्दुल कलाम ने अपनी किताब में टीपु सुल्तान की तारीफ की थी?’ अब्दुल कलाम ने लिखा था कि आज भारत के पास जो भी मिसाइल और रॉकेट की तकनीक है उससे हम टीपु सुल्तान के सपनों को ही पूरा कर रहे हैं. आग उन्होंने कहा कि, कलाम साहब तो आप सभी के हीरों हैं तो क्या आप उनकी बात भी नहीं मानेंगे. ओवैसी ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने यंग इंडिया नें टीपु को हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बताया था. 

हर्षवर्धन सपकाल ने दिया था बयान
यह विवाद मालेगांव की डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. इस पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि, छत्रपति शिवाजी महाराज वीरता से लड़े और स्वराज का विचार दिया और उसी तरह टीपू सुल्तान ने भी अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया. 

यह भी पढ़ें: DNA: बुर्का पहनने पर रोक और बहुविवाह पर बैन… फ्रांस में बने नियम भारत में लागू हुआ तो क्या होगा?

क्या छत्रपति के तरीकों पर चलता था टीपू सुल्तान?
हर्षवर्धन सकपाल ने दावा किया कि टीपू सुल्तान की लड़ाई शिवाजी महाराज के आदर्शों और रास्तों पर आधारित थी. सपकाल ने टीपू के भारत का बेटा और महान योद्धा बताया और कहा कि टीपू सुल्तान ने कभी समाज में जहर घोलने वाली बातें नहीं की. उन्होंने अंत में कहा कि, हमें बहादुरी के मामले में टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर ही मानना चाहिए.