PM Modi Metting With Grand Mufti Of India: पीएम मोदी ने आज भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद से मुलाकात की. इस दौरान पीएम ने उनके साथ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’पर कई तस्वीरें भी शेयर की. वहीं शेख अबूबकर ने ‘CNN News18’ के साथ बातचीत में पीएम के साथ अपनी मुलाकात को बेहद अच्छा बताया और कहा कि उन्होंने पीएम के साथ राष्ट्र के कल्याण के लिए मिलकर काम करने पर चर्चा की.
ग्रैंड मुफ्ती की पीएम के साथ मुलाकात
पीएम मोदी ने अपने ‘X’ अकाउंट पर लिखा,’ भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई. हमने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. सामाजिक सद्भाव, भाईचारा बढ़ाने और शिक्षा में सुधार के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं.’ ‘News18′ के साथ इंटरव्यू में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर ने कहा,’ भारत में शांति और सद्भाव होना चाहिए. इस देश में मुसलमानों के लिए कोई बाधा या समस्या नहीं है क्योंकि सभी सुरक्षित हैं.’ ग्रैंड मुफ्ती ने कहा,’ मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि भारत के विकास के लिए हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए. मैंने कोई चिंता नहीं जताई.’
पीएम के साथ क्या चर्चा की?
ग्रैंड मुफ्ती ने कहा कि वह पीएम के साथ बैठक से बेहद खुश थे और देश के लिए मानवीय कार्यों के लिए जो होगा अपनी तरफ से प्रयास करते रहेंगे.
Had a very good interaction with Sheikh Abubakr Ahmad Sahab, Grand Mufti of India. We exchanged views on a wide range of issues. His efforts to further social harmony, brotherhood and improve education are noteworthy.@shkaboobacker pic.twitter.com/HSxmCe2aUG
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
उन्होंने कहा,’ मानवता के लिए जो कुछ भी आवश्यक होगा मैं उसके लिए काम करूंगा चाहे कोई हिंदू हो या मुसलमान.’ ग्रैंड मुफ्ती ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी चर्चा राष्ट्र के कल्याण के लिए मिलकर काम करने पर केंद्रित थी. उन्होंने कहा,’ भारत में शांति और सद्भाव होना चाहिए. इस देश में मुसलमानों के लिए कोई बाधा या समस्या नहीं है क्योंकि सभी सुरक्षित हैं.’
कौन हैं शेख अबुबकर अहमद?
बता दें कि कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के नाम से पहचाने जाने वाले शेख अबुबकर अहमद वर्तमान में भारत के दसवें ग्रैंड मुफ्ती के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें फरवरी साल 2019 में सुन्नी धर्मगुरुओं के राष्ट्रीय संगठन अखिल भारतीय तनजीम उलमा ए इस्लाम की ओर से इस पद के लिए चुना गया था. वह दो प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम संगठनों, अखिल भारतीय सुन्नी जमियथुल उलमा और समस्त केरल जेम इयाथुल उलमा के महासचिव भी हैं. बता दें कि शेख अबूबकर अहमद ने ही यमन में फंसी निमिषा प्रिया की फांसी की सजा रुकवाने में मदद की थी.
