Navjot Singh Sidhu: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू की संभावित ‘घर वापसी’ को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं को दोबारा भाजपा में शामिल कराने के लिए एक प्रारंभिक रोडमैप तैयार कर लिया गया है और शीर्ष नेतृत्व इस पर अंतिम निर्णय से पहले वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करेगा. सूत्रों का कहना है कि इस महीने के अंत तक इस मुद्दे पर स्पष्ट फैसला सामने आ सकता है. फिलहाल बातचीत शुरुआती चरण में है, लेकिन संकेत हैं कि केंद्रीय नेतृत्व इस विषय को गंभीरता से ले रहा है.
सिद्धू दंपती ने फिर की पीएम मोदी की तारीफ
नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल कांग्रेस में हैं, जबकि उनकी पत्नी नवजोत कौर को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है. पिछले कुछ समय से सिद्धू दंपती कांग्रेस नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष पर खुलकर निशाना साध रहे हैं. साथ ही, वे प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करते नजर आए हैं. सिद्धू दंपती का ये रुख भाजपा में वापसी की ओर इशारा कर रहा है. हालांकि, अब तक सिद्धू या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
सिद्धू दंपती के वापसी पर उठ रहे विरोध के सुर
भाजपा की पंजाब इकाई के भीतर सिद्धू दंपती की वापसी को लेकर मतभेद भी सामने आ रहे हैं. खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत रही है, जो कांग्रेस के समय से चली आ रही है. इसके अलावा, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया समेत कुछ वरिष्ठ नेता भी सिद्धू की वापसी के पक्ष में नहीं बताए जा रहे हैं. इन नेताओं का मानना है कि पार्टी को संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान देना चाहिए, न कि विवादास्पद चेहरों को वापस लाने पर. हालांकि, पार्टी सूत्रों का तर्क है कि पहले भी लोकसभा चुनाव से पहले रवनीत सिंह बिट्टू को भाजपा में शामिल कराया गया था, लेकिन उससे अपेक्षित राजनीतिक लाभ नहीं मिला. ऐसे में मौजूदा विरोध का प्रभाव सीमित रह सकता है.
शीर्ष नेतृत्व करेगा अंतिम फैसला
सूत्रों के अनुसार, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अंतिम निर्णय लेने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेगा. पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी संभावित निर्णय से आंतरिक असंतोष न बढ़े और चुनावी रणनीति पर नकारात्मक असर न पड़े. बता दें, पंजाब में आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नए समीकरण तलाश रही है. सिद्धू दंपती की वापसी यदि होती है, तो यह चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा.
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समझिए क्या कहता है चुनावी समीकरण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सिद्धू दंपती की वापसी से भाजपा को कुछ क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है, खासकर शहरी और पारंपरिक कांग्रेस समर्थक वोट बैंक में सेंध लगाने के लिहाज से. हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि उनकी वापसी पार्टी के भीतर नए समीकरण और संभावित टकराव पैदा कर सकती है. फिलहाल सभी की निगाहें भाजपा नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो पंजाब की चुनावी राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है.
