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Rahul Gandhi: पक्ष-विपक्ष में किसी न किसी मुद्दे को लेकर तकरार छिड़ी रहती है. एक बार फिर केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों की कड़ी आलोचना की. साथ ही रिजिजू ने कहा कि लोकसभा LoP के दावे बिना सच और आधार के हैं. इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी के कई बयानों की जमकर आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि पहले, इस पर विचार करें कि राहुल गांधी के समर्थक इसे गंभीरता से क्यों नहीं लेते, वह बिना सच के बोलते हैं. अगर प्रधानमंत्री किसी से मिले हैं, या अगर कोई डॉक्यूमेंट मौजूद हैं, तो उन्हें पेश करें, वे बिना किसी आधार के प्रधानमंत्री का नाम जबरदस्ती ले रहे हैं. इससे काफी ज्यादा निराशा होती है. उन्होंने पार्लियामेंट में गांधी के बर्ताव पर भी सवाल उठाया और कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में बिना मतलब के बोल रहे हैं अगर आप अपोजिशन लीडर हैं, तो क्या आप नियमों से ऊपर हैं? गांधी ने फाइलों में हरदीप सिंह पुरी के कथित जिक्र को लेकर उन्हें इसमें घसीटने की कोशिश की थी.

रिजिजू ने आगे दावा किया कि भारत में “15-20% लेफ्ट इकोसिस्टम” राष्ट्रवाद का विरोध करता है और भारत की डिफेंस, सिक्योरिटी और धार्मिक पहचान को प्रॉब्लम वाला मानता है, उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को आम जनता के बजाय इसी सेगमेंट से सपोर्ट मिल रहा है. साथ ही साथ कहा कि कोई एजेंडा सेट नहीं करता, राहुल गांधी अपने ही इकोसिस्टम में काम करते दिखते हैं. देश में 15-20% का एक सेगमेंट है जो राष्ट्रवाद के विचार का विरोध करता है. वे भारत की डिफेंस फोर्स की जरूरत, उसकी भविष्य की सिक्योरिटी और यहां तक कि उसकी धार्मिक पहचान पर भी सवाल उठाते हैं. 

आगे कहा कि राहुल गांधी को शायद लगता हो कि उन्हें बड़े पैमाने पर तारीफ़ मिल रही है, लेकिन असल में, उन्हें जो सपोर्ट मिल रहा है, वह सिर्फ इसी लिमिटेड सेगमेंट से मिल रहा है, न कि बड़ी आबादी से, यह बात राहुल के उस दावे के बाद आई है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी को US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की जारी की गई एपस्टीन फाइलों से जोड़ने वाली जानकारी को वेरिफाई कर लिया है. (ANI)