Bankura Assembly constituency: पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में विधनसभा चुनाव होंगे. इससे पहले राज्य में सियासी हलचल काफी तेज है. पिछले किसी भी चुनाव में बंगाल में भले किसी भी दल की लहर चली हो, फिर भी एक ऐसी विधानसभा सीट है, जहां जीत के करीब पहुंचकर भी पार्टियां अक्सर जीत नहीं पाती हैं. राढ़ क्षेत्र के इस जगह को लाल माटी के नाम से जाना जाता है, यहां कभी मल्ला राजाओं के घोड़ों की टापें गूंजती खी और यहां के टेराकोटा (मिट्टी के शिल्प) मंदिरों की नक्काशी आज भी दुनिया को सम्मोहित करती है. हम बात कर रहे हैं बांकुड़ा विधानसभा सीट की. 1951 में बनी इस सीट का मिजाज हमेशा से ही ‘बेचैन’ रहा है.
कहानी तालाबों का शहर की
बांकुड़ा को ‘टैंक सिटी’ (तालाबों का शहर) कहा जाता है. बंगाल में हुए पहले विधानसभा चुनाव के बाद से इस सीट ने कभी किसी भी दल को स्थायी सुकून नहीं दिया है. हिंदू महासभा से शुरुआत करने वाले इस क्षेत्र ने वामपंथ के 34 सालों के ‘अभेद्य किले’ को भी ढहते देखा और तृणमूल के ‘परिवर्तन’ को भी परखा, लेकिन यहां का मतदाता किसी का ‘बंधुआ’ नहीं है. साल 2016 में जिस दौरान टीएमसी की लहर थी, बांकुड़ा ने कांग्रेस को चुना और सभी को चौंका दिया.
साल 2021 में ओढ़ लिया भगवा
ठीक इसी तरीके से साल 2021 में इस सीट पर भगवा लहराया, हालांकि जीत का अंतर काफी कम था. पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि यह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी. एक तरफ भाजपा के नीलाद्री शेखर दाना थे, तो दूसरी तरफ तृणमूल की ग्लैमरस स्टार सायंतिका बनर्जी. मुकाबला इतना कड़ा था कि नीलाद्री दाना मात्र 1,468 वोटों से जीते. सायंतिका बनर्जी बाद में हुए उपचुनाव में बारानगर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज कर विधायक बनीं.
किसके हाथ में है बांकुड़ा की राजनीति का रिमोट कंट्रोल
वोटर्स की आबादी के अनुसार, बांकुड़ा की राजनीति का असली रिमोट कंट्रोल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के हाथ में रहा है. एससी की (बाउरी, बगड़ी समुदाय) लगभग 32-35 प्रतिशत आबादी है. यहां पर लगभग 8 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. बांकुड़ा को यहां की मिट्टी में लेटराइट और आयरन ऑक्साइड की प्रचुरता के कारण लाल माटी भी कहा जाता है. बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के मध्य में स्थित है.
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बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र की जानकारी
उल्लेखनीय है कि बांकुड़ा की उत्तरी सीमा दामोदर नदी से घिरी है. इसके साथ कंगसाबती, गंधेश्वरी और कुमारी नदियां इसके क्षेत्र से होकर गुजरती हैं. विधानसभा क्षेत्र में की मुख्य अर्थव्यवस्था कृषि, लघु उद्योगों और सेवाओं का संगम है. धान यहां की मुख्य फसल मानी जाती है. वहीं, परिवहन के लिहाज से बांकुड़ा सड़क और रेल मार्गों से सुगम तरीके से जुड़ा है. (इनपुट- आईएएनएस)
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