
India AI Impact 2026: नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट 2026’ में ‘गलगोटिया यूनिवर्सिटी’ के रोबोटिक एग्जिबीशन को लेकर हुए विवाद ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मामले को लेकर IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा देने की मांग की है. महुआ मोइत्रा ने रेलवे और सूचना एवं प्रसारण जैसे बड़े डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री पर तीखा हमला करते हुए लिखा कि वैष्णव ने भारत को हंसी का पात्र बना दिया है.
अश्विनी वैष्णव पर साधा निशाना
महुआ मोइत्रा ने अश्विनी वैष्णव की ओर से डिलीट किए गए उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट को भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोडॉग की प्रशंसा की थी. TMC सांसद ने अपने ‘X’पोस्ट में लिखा,’ ट्वीट डिलीट करने से हकीकत नहीं बदलती अश्विनी वैष्णव. आपने भारत को हंसी का पात्र बना दिया है. अगर आप अपना काम नहीं कर सकते तो अध्यक्ष पद छोड़ दीजिए. शायद आप गलगोटिया में स्पिन प्रोफेसर के रूप में शामिल हो जाएं?’
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सरकार ने लिया एक्शन
चीनी रोबोट को अपना बताकर AI समिट में पेश करने वाले गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया भारत सरकार ने भी इस पर एक्शन लेना जरूरी समझा.
Deleting tweets doesn’t change reality @AshwiniVaishnaw – you have made India a laughing stock. Quit the chair if you can’t do your job. Maybe join Galgotia as Professor of Spin? pic.twitter.com/wGJkLxIStD
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) February 18, 2026
सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम में AI समिट एक्सपो में अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया. यूनिवर्सिटी ने चीनी कंपनी की ओर से बनाए गए रोबोडॉग को अपना इंडिजीनस इनोवेशन बताता हुए कहा था कि यह ‘गलगोटिया यूनिवर्सिटी’ की ओर से डेवलप किया गया AI टेक्नोलॉजी है, हालांकि बाद में पता चला कि यह चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का Unitree Go2 रोबोट है, जो 2-3 लाख में आराम से बिक जाता है.
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यूनिवर्सिटी ने दी सफाई
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने इस घटना पर कड़ी आलोचना झेलने के बाद एक प्रेस रिलीज शेयर की है, जिसमें सारा ठीकरा यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह पर फोड़ दिया गया. विश्वविद्यालय ने कहा कि प्रोफेसर को प्रोडक्ट के ओरिजन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने कैमरे में आने के उत्साह में गलत जानकारी शेयर कर दी, जबकि उन्हें आधिकारिक तौर पर मीडिया के साथ बातचीत करने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी.

