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आम आदमी पार्टी ने भाजपा की गुजरात सरकार के बजट में आम जनता की अनदेखी करने पर तीखा हमला बोला है. ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बजट हर वर्ग के साथ धोखा है. बजट में स्कूल, अस्पताल, सड़कों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं समेत किसी तबके के लिए कुछ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो भाजपा की जेब में है. जनता कांग्रेस को वोट नहीं देगी. इसलिए भाजपा को घमंड हो गया है कि उसे काम करने की क्या जरूरत है? जनता उसे छोड़कर कहां जाएगी? यह बजट भाजपा सरकार के घमंड को दिखाता है. कांग्रेस और भाजपा से निराश गुजरात के लोग आम आदमी पार्टी की तरफ बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं और इसका बदला बदलाव लाकर लेंगे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दो-तीन दिन पहले गुजरात का बजट आया है. लोगों को बजट से बहुत उम्मीदें होती हैं. आम आदमी के घर का बजट काफी हद तक सरकारी बजट पर निर्भर करता है. क्या सस्ता और क्या महंगा होगा, शिक्षा, स्वास्थ्य का क्या होगा, यह सब बजट तय करता है. बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि गुजरात भाजपा सरकार के इस बजट में आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है. बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, बेरोजगार युवाओं समेत किसी भी तबके के लिए कुछ नहीं है. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पौने दो साल बाद गुजरात विधानसभा का चुनाव होगा. अक्सर देखा गया है कि चुनाव करीब आने पर सत्ता में बैठी पार्टियां जनता से डरती हैं और कुछ सहूलियतें देती हैं ताकि जनता का वोट मिल जाए. गुजरात सरकार को जनता के वोट की परवाह ही नहीं है. दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा दिया है. 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा बहुत कम लोग कराते हैं. 10 लाख रुपए में गरीब आदमी भी फोर्टिस, मैक्स जैसे सबसे अच्छे अस्पतालों में जाकर अपना इलाज करा सकेगा. आजाद भारत के 75 साल के इतिहास में पहले कभी किसी सरकार ने आम लोगों को 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा नहीं दिया है.

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लेकिन ‘आप’ सरकार मात्र 4 साल की सरकार में करके दिखा दिया. पिछले 30 साल से गुजरात में भाजपा की सरकार है, लेकिन ऐसी सुविधा नहीं दे सकी. अगर ‘आप’ की सरकार 4 साल में कर सकती है तो भाजपा वालों को भी अब तक कर देना चाहिए था.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक भाजपा नेता ने बताया कि हमें गुजरात में लोगों को कोई स्वास्थ्य बीमा देने की जरूरत ही नहीं है. उसका कहना है कि गुजरात की जनता भाजपा को छोड़कर कहां जाएगी? भाजपा को इतना घमंड हो गया है. भाजपा वालों को पता है कि गुजरात की जनता देख रही है कि कांग्रेस वाले भाजपा की जेब में हैं. गुजरात की जनता कांग्रेस से नफरत करती है और उसे वोट नहीं देना चाहती है. भाजपा को अहंकार हो गया है कि उसे कुछ करने की जरूरत ही नहीं है. इसलिए पूरा बजट सिर्फ लूटने के लिए रखा जाता है. अगर पंजाब में ‘आप’ सरकार ने इतने सारे काम कर दिए, 24 घंटे बिजली आने लगी, सड़कें अच्छी हो गईं, अब किसानों को दिन में 8 घंटे बिजली मिलती है. 

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लोग एक आम घरों से है. इशुदान गढ़वी पत्रकार थे और आज उन्हें सुनने के लिए जनता की भीड़ उमड़ती है. गोपाल इटालिया एक छोटे से पुलिस कर्मी थे. आज पूरे गुजरात के लोग गोपाल इटालिया को बहुत प्यार करते हैं. चैतर वसावा, प्रवीण राम, मनोज सोहरठिया समेत अन्य नेता एक आम लोग हैं. जनता को इन में उम्मीद दिखाई दे रही है, तभी इन्हें सुनने आ रही है. लोगों को उम्मीद है कि ये लोग गुजरात को बदलेंगे. दूसरी तरफ, भाजपा में आज एक भी ऐसा नेता नहीं है, जिसकी तरफ जनता उम्मीद से देख रही हो. भाजपा के मुख्यमंत्री की तरफ भी लोग उम्मीद से नहीं देखते हैं. ऐसे ही कांग्रेस में भी कोई नेता नहीं है, जिसे लोग उम्मीद से देखते हों. ‘आप’ नेता सोशल मीडिया पर लाइव आते हैं तो घंटे भर में ही एक मिलियन व्यू आ जाते हैं. अगर भाजपा वाले अच्छी सरकार चलाते तो हमें एक भी व्यू नहीं मिलता.

इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब में ‘आप’ सरकार ने चार बजट पेश किए हैं और 8 मार्च को पांचवा बजट आएगा. पंजाब में 90 घरों का बिजली का बिल शून्य आता है, फिर भी वहां का बिजली बोर्ड घाटे में नहीं है. पंजाब सरकार ने जीवीके नाम की एक निजी कंपनी से थर्मल प्लांट खरीदा है. पहली बार उल्टी गंगा बही है, अन्यथा सरकारें तेल, रेल, भेल और जहाज सब कुछ बेच देते हैं, लेकिन पंजाब में सरकार ने प्राइवेट सेक्टर को खरीदा है.

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के खेतों में ट्यूबवेल की बिजली बिल्कुल मुफ्त है और सबसे बड़ी बात यह है कि बिजली दिन में आती है. सबसे ज्यादा लोग इसी बात से खुश हैं कि बिजली दिन में आती है. पूरी दुनिया के दफ्तरों का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होता है, तो किसानों का दफ्तर उनके खेत हैं, इसलिए वे रात 1ः30 बजे क्यों जाएं? किसानों को पूरे देश का पेट भी पालना है और ठंड या गर्मी में रात 1ः30 बजे जाना पड़ता था. इसलिए पंजाब सरकार दिन में बिजली देती है और किसान भी दफ्तर की तरह अपने खेत जाते हैं.

भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने 10 लाख रुपए की स्वास्थ्य योजना शुरू की है. पंजाब में 65 लाख परिवार हैं. सभी को 10 लाख रुपए का हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है. ये कार्ड बांटे जा रहे हैं और हर रोज 50-60 हजार कार्ड बन रहे हैं. सरकार ने निजी और सरकारी अस्पतालों की सूची जारी कर दी है, जिसमें लगभग 1000 अस्पताल शामिल हैं. लोग कहीं भी जाकर इलाज करा सकते हैं और सारा पैसा पंजाब सरकार देगी.

भगवंत मान ने बताया कि इसके बाद अगर पंजाब पुलिस का कोई जवान ड्यूटी के दौरान शहीद हो जाता है, तो 1 करोड़ रुपए पंजाब सरकार की तरफ से और 1 करोड़ रुपए उस बैंक की तरफ से मिलते हैं, जिससे उनका वेतन आता है. इस तरह उनके परिवार को 2 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है. जान तो वापस नहीं लाई जा सकती, लेकिन परिवार कम से कम आर्थिक बोझ के नीचे न दबे.

भगवंत मान ने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे पंजाबियों के हर दिन 67 लाख रुपए बचते हैं. भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार का आने वाला बजट भी जनता के लिए होगा और उनकी सरकार कोई नया टैक्स नहीं लगा रही, क्योंकि जनता पहले ही टैक्स के बोझ से दबी है. शिक्षा प्रणाली के बारे में उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ खोले गए हैं और जल्द ही इनकी संख्या 100 के आसपास हो जाएगी तथा 117 विधानसभा क्षेत्रों में हर जगह एक स्कूल होगा. सरकारी स्कूल के बच्चे नीट और जेईई मेन जैसी प्रवेश परीक्षाएं पास कर रहे हैं.

भगवंत मान ने आगे कहा, ‘गुजरात के बजट में कुछ भी नहीं है, क्योंकि विपक्ष नहीं है, इसलिए दोनों (सत्तारूढ़ और प्रमुख विपक्षी दल) मिलकर खेल रहे हैं. आम आदमी पार्टी आम लोगों की पार्टी है. 2022 पंजाब चुनाव में ‘आप’ के 92 विधायक जीते थे, जो उपचुनाव के बाद 95 हो गए हैं. उनमें भी 95% लोग गैर-राजनीतिक हैं. जिनमें 25-26 साल के युवा भी हैं, जिन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वो विधानसभा पहुंचेंगे.

भगवंत मान ने कहा कि देश एक गुलदस्ते की तरह है, जिसमें हर रंग का फूल हो तो वह देखने में अच्छा लगता है. एक ही रंग के फूल वाले गुलदस्ते को देखकर लोग दो दिन में थक जाते हैं. भारत में हर जगह की अपनी अलग संस्कृति है. गुजरात, पंजाब, तमिलनाडु और बंगाल की संस्कृति अलग है. उन्होंने कहा कि इन फूलों को खिलने देना चाहिए.