National Capital on high alert: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 21 फरवरी से हाई अलर्ट जारी किया गया है. दरअसल, प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा की तरफ से देश में आतंकी हमलों को लेकर बनाई जा रही योजनाओं से जुड़े इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आतंकियों के निशाने पर चांदनी चौक के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर जैसे धार्मिक स्थल और लाल किले के पास के क्षेत्र हैं.
खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है. दिल्ली के साथ देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त कर दिया गया है और एजेंसियों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है.
इस्लामाबाद विस्फोट का बदला लेने से जुड़ा है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आतंकी संगठन कथित तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 6 फरवरी को एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती बम विस्फोट का बदला लेने की कोशिश कर रहा है. इस्लामाबाद की इस मस्जिद में हुए धमाके में कम से कम 31 लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे.
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पहले इस्लामाबाद विस्फोट में बाहरी संलिप्तता का संकेत दिया था, हालांकि भारत ने इसको सिरे से खारिज कर दिया था. फरवरी की शुरुआत में ही भारत ने एक बयान में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय, अपने घरेलू संकटों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को भ्रमित करने का विकल्प चुन रहा है. भारत इस तरह के हर आरोप को खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक दोनों है .
आतंकी बना रहे IED ब्लास्ट की योजना?
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि दिल्ली पुलिस में कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि इन धमकियों के संबंध में पहली सूचना गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मिली थी. उन्होंने कहा कि उन प्रारंभिक सूचनाओं का बाद में मूल्यांकन भी किया गया, लेकिन शनिवार को प्राप्त नई विशिष्ट खुफिया जानकारी से पता चला है एक IED हमले की योजना बनाई जा रही है. इस जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसी सतर्क हो गई हैं.
यह भी पढ़ें: जिस फॉर्मूले से बीजेपी ने कई राज्यों में सरकार बनाई, अब उसी ‘बागी कार्ड’ से कांग्रेस ने दिया जवाब
हालिया चेतावनियों से जुड़ी जानकारियां
-
उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली में लंबे समय से बनी सुरक्षा चिंताओं के कारण वर्तमान में उच्च सतर्कता बरती जा रही है. पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद एक बड़े आतंकी नेटर्वक का पर्दाफाश हुआ था. इस आतंकी हमले के बाद देश के सभी प्रमुख स्थानों पर अलर्ट जारी कर दिया गया था.
-
जानकारी दें कि इसी साल जनवरी में खुफिया एजेंसिों ने खालिस्तानी और बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठनों से खतरे की आशंका जताई थी. 17 जनवरी की एएनआई रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि पंजाब के गैंगस्टर विदेशों से संचालित खालिस्तानी और कट्टरपंथी सरगनाओं के लिए काम कर रहे हैं. आरोप है कि ये सरगना अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और आंतरिक सुरक्षा को बाधित करने के लिए आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ये गैंगस्टर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी सक्रिय हैं.
-
रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी की पुष्टि की जा रही है. वहीं, शहर पर भी लगातार नजर ऱखी जा रही है. चूंकि दिल्ली में हाल में ही एआई शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसके कारण भी राजधानी की सुरक्षा बढ़ाई गई है.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: 7 में से मिलेगी सिर्फ 1 राज्यसभा सीट; शरद पवार और उद्धव ठाकरे से टकराने के मूड में कांग्रेस
