
Udainidhi Stalin on PM Modi Father: बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के लिए सजे मंच से पीएम मोदी का अपमान हुआ था. कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पीएम मोदी की मां को अपशब्द कहे गए थे. अब तमिलनाडु चुनाव से पहले डीएमके सुप्रीमो और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने विवादित बयान दिया है. उदयनिधि स्टालिन ने पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए उनके पिता का नाम इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, ‘ वह टीवी पर आते हैं तब लोग डर जाते हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं, भले ही चाहे पीएम मोदी के पिताजी आ जाएं’.
डीएमके किसी ने नहीं डरती: उदयनिधि स्टालिन
उदयनिधि ने कहा, ‘डरना हमारे डीएनए में नहीं है. हम जनता के लिए काम करते हैं, इसलिए इस बार भी तमिलनाडु की महान जनता हमें चुनेगी. राजनीति में संवेदनाएं तेजी से खत्म हो रही हैं. कई जगहों पर उम्र का लिहाज नहीं किया जाता. भाषाई मर्यादाएं तार-तार हो जाती हैं. नेता एक दूसरे पर निशाना साधने के लिए उनके स्वर्गवासी माता-पिता को भी नहीं बख्श रहे हैं. ताजा मामले में पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए उनके स्वर्गवासी पिता को बिना वजह राजनीति में घसीटा गया.
हालांकि ये कोई पहला मौका नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने विवादित बयान दिया हो.
डेंगू, मलेरिया, HIV… सनातन धर्म को लेकर उदयनिधि के विवादित बयान
47 वर्षीय बयानवीर डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयानों की बात करें तो चुनावी साल आने से काफी पहले उन्होंने हिंदी विरोधी मोर्चा खोल रखा है. दो दिन पहले उन्होंने कहा, ‘मातृभाषा को निगल जाती है हिंदी.’ सात दिन पहले उन्होंने कहा था कि संस्कृत ‘मृत भाषा’ है. पिछले साल दिवाली की शुभकामनाओं को लेकर उनके बयान पर बवाल मचा था.
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सनातन धर्म की डेंगू मच्छर, मलेरिया और कोरोना से तुलना कर चुके डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन विवादित बयान देने के लिए मशहूर हैं. दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक उनके कुछ बयानों ने सियासी भूचाल खड़ा कर दिया था. धर्मगुरुओं से लेकर राजनेता तक उनके बयानों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे चुके हैं. तब उदयनिधि के खिलाफ देशभर में कई जगहों पर एफआईआर भी दर्ज की गई थीं.
तीन साल पहले उदयनिधि ने कहा था- ‘सनातन का सिर्फ विरोध नहीं किया जाना चाहिए बल्कि, इसे खत्म कर देना चाहिए. सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है. कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए. हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते. हमें इसे मिटाना है. इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है.’

