
India-Israel Defense Deal: भारत और इजराइल के बीच रक्षा सहयोग एक बार फिर बढ़ रहा है. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित इजराइल दौरे के दौरान एडवांस्ड ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और लेजर-आधारित एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद तथा तकनीकी सहयोग पर अहम समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने की संभावना है. पिछले साल के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत अपने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है ताकि ड्रोन या एयरस्ट्राइक जैसे खतरों को प्रभावी ढंग से खत्म किया जा सके.
भारत का रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) पहले ही 30-किलोवाट क्षमता वाला हाई-एनर्जी लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) सिस्टम, Mk-II(A), विकसित कर चुका है. वहीं इजराइल अपने चर्चित एयर डिफेंस सिस्टम Iron Dome को और अपग्रेड कर रहा है ताकि ड्रोन, रॉकेट और मोर्टार को मार गिराने में इसे और सक्षम बनाया जा सके.
बुधवार को PM मोदी जाएंगे इजराइल
सूत्रों के अनुसार, बुधवार से शुरू हो रहे पीएम मोदी के 2 दिवसीय दौरे के दौरान रक्षा सहयोग पर व्यापक चर्चा होगी. 2017 के बाद यह उनका दूसरा इजराइल दौरा होगा. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में कहा था कि पीएम मोदी नेसेट को संबोधित करेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई फैसले लिए जाएंगे.
इस बीच, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का संकेत देते हुए ‘हेक्सागन अलायंस’ की अवधारणा भी रखी, जिसमें भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, भूमध्यसागरीय क्षेत्र के देश (जैसे ग्रीस और साइप्रस) और एशियाई देश शामिल हो सकते हैं.
मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम पर काम कर रहा भारत
भारत इस समय ‘सुदर्शन चक्र’ नामक स्वदेशी मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य 2035 तक देश के प्रमुख शहरों और रणनीतिक ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन खतरों से सुरक्षित करना है. इस परियोजना के तहत इजराइल के David’s Sling और Arrow जैसे उन्नत सिस्टम के साथ तकनीकी तालमेल की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं.
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बता दें कि दोनों देश पहले ही बराक-8 एमआर-एसएएम/एलआर-एसएएम सिस्टम पर सहयोग कर चुके हैं. नए प्रस्तावित समझौते के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत सेंसर और साइबर डिफेंस तकनीकों के एकीकरण पर भी जोर रहेगा.
लोरा और रैम्पेज मिसाइल पर दोनों देशों के बीच बनी सहमति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने 2026 में भारत के साथ करीब 8.6 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदों पर सहमति जताई है. इनमें SPICE 1000 प्रिसिजन गाइडेंस बम, 250 किमी रेंज वाली रैम्पेज एयर-टू-सरफेस मिसाइल, एयर लोरा बैलिस्टिक मिसाइल और 300 किमी रेंज वाला आइसब्रेकर मिसाइल सिस्टम शामिल बताए जा रहे हैं. पिछले वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने आतंकवादी ठिकानों और सैन्य संपत्तियों के खिलाफ रैम्पेज मिसाइलों, हार्पी और हारोप जैसे इजराइली कामिकेज ड्रोन का उपयोग किया था.
