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नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बीच भारत सरकार ने सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को लिए टीके की शुरूआत की थी. लेकिन दिल्ली इस मामले में फिसड्डी साबित हुई. दिल्ली में अभी सिर्फ 78 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों को ही कोरोना की वैक्सीन लग पाई है, जोकि राष्ट्रीय औसत से कम है.

नीति आयोग ने दी जानकारी

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉक्टर वीके पॉल ने देशभर में हेल्थकेयर वर्कर्स को टीके की स्थिति पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देश में औसतन 89 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक लग चुकी है.

छत्तीसगढ़ है सबसे आगे

उन्होंने कहा कि राजस्थान में 95 फीसदी, मध्य प्रदेश में 96 फीसदी और छत्तीसगढ़ में 99 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी कोरोना टीके की पहले खुराक ले चुके हैं. इस मामले में दिल्ली काफी पीछे हैं और महज 78 फीसदी ही हेल्थकेयर वर्कर्स की कोरोना टीका लगवा पाए हैं. ये संख्या राष्ट्रीय औसत से 11 फीसदी कम है, जिसे 95 फीसदी से ऊपर ले जाना चाहिए.

कोरोना के 85 प्रतिशत मामले 10 राज्यों में 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 के कुल मामलों में से 85 प्रतिशत मामले 10 राज्यों से हैं. मंत्रालय ने कहा कि 11 राज्यों में संक्रमण के एक-एक लाख से अधिक उपचाराधीन मामले हैं, जबकि आठ राज्यों में 50 हजार से एक लाख के बीच उपचाराधीन रोगी हैं. इसने बताया कि 24 राज्यों में संक्रमण दर 15 प्रतिशत से अधिक है.

ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 83.83 प्रतिशत हुई

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में महामारी के 3,26,098 नए मामले सामने आए हैं जिससे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,43,72,907 हो गई है. इसके साथ ही देश में महामारी से 3,890 और लोगों की मौत हुई है, जिससे मृतकों की कुल संख्या 2,66,207 हो गई है. मंत्रालय ने कहा कि देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर अब 36,73,802 रह गई है, जो कुल मामलों का 15.07 प्रतिशत है. लोगों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 83.83 प्रतिशत हो गई है.