
कोलकाता: चक्रवाती तूफान ‘यास’ (Cyclone Yaas) ओडिशा के भद्रक जिले के धामरा बंदरगाह के पास तट पर लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है और इसे पूरा होने में करीब 3 घंटे का समय लगेगा. लैंडफॉल के साथ ही चक्रवाती तूफान का तांडव पश्चिम बंगाल और ओडिशा (West Bengal and Odisha) में दिखना शुरू हो गया है.
ओडिशा-बंगाल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू
चक्रवात ‘यास’ भीषण चक्रवाती तूफान (Cyclone Yaas) में तब्दील हो गया है और इसकी वजह से ओडिशा के अलावा पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. इसको लेकर दोनों ही राज्यों के लिए ‘रेड कोडेड’ चेतावनी जारी की गई है.
बंगाल में दिख रहा यास तूफान का डरावना मंजर
पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) का तांडव दिखना शुरू हो गया है और पूर्बा मेदिनपुरी के दीघा में तेज हवा और अशांत समुद्री लहरें दिख रही हैं.
#WATCH | West Bengal: Turbulent sea and strong winds witnessed in Digha of Purba Medinipur district.
At 9.30 am #CycloneYaas is about 30 km south-southeast of Balasore (Odisha). Current intensity of the storm is 130-140 kmph, as per IMD. pic.twitter.com/HLSmtsA1c2
— ANI (@ANI) May 26, 2021
नौसेना और NDRF समेत बचाव के लिए टीमें तैयार
तूफान के खतरे को देखते हुए नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के अलावा तमाम टीमें अलर्ट पर हैं और किसी तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं. NDRF की कुल 109 टीमें तूफान के असर वाले राज्यों में तैनात हैं, जिसमें से पश्चिम बंगाल में 35 टीमें हैं, जबकि ओडिशा में 52 टीमों को तैनात किया गया है. NDRF जमीन पर राहत में लगी है तो कोस्ट गार्ड के जवान समंदर की निगरानी कर रहे हैं. तूफान से निपटने के लिए 19 जहाज और 4 एयरक्राफ्ट तैयार रखे गए हैं. अंडमान में भी कोस्ट गार्ड के जहाज तैयार हैं. तूफान के हालात में अगर किसी तरह की अनहोनी हो जाए तो उससे कैसे निपटना है… इसके लिए भी मॉकड्रिल की गई. NDRF और राज्य सरकार के राहतकर्मी दोनों ने इसमें हिस्सा लिया.
पश्चिम बंगाल में करंट लगने से 2 लोगों की मौत
पश्चिम बंगाल में तूफान यास के चलते कुछ हादसे भी हुए हैं. उत्तर 24 परगना जिले के हालिशहर में 40 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. दूसरी घटना चिनसराह में हुई है, जहां कुछ घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. वहीं हुगली जिले के पांडुआ में करंट लगने से 2 लोगों की मौत हो गई है.
बंगाल से 10 लाख लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए
ओडिशा के भद्रक में एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल रखा है और लोगों को तूफान से बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. ओडिशा की तरह बंगाल में लोगों को रिलीफ कैंप तक पहुंचाया जा रहा है. पश्चिम बंगाल में 10 लाख लोगों को समंदर किनारे वाली जगहों से हटाया गया है, जिन्हें 4000 हजार राहत शिविरों में ठहराया गया है. डेढ़ लाख लोगों को तो पूर्वी मिदनापुर से ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. इन लोगों को 802 राहत शिविरों में ठहराया गया है. अब तक कुल 14 जिलों से लोगों को हटाया जा चुका है.
लाइव टीवी
