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Trinamool MP Mausam Noor returns to Congress: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले, तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद मौसम नूर शनिवार को कांग्रेस में लौट आईं. करीब पांच साल पहले पार्टी छोड़ने के बाद यह उनकी घर वापसी है. नूर, जिनका राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, उनके मालदा से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की उम्मीद है. कांग्रेस पार्टी ने इसे घरवापसी बताया है. कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने कहा, नूर के लौटने को घर वापसी करार देते हुए कहा ये इस बात का सबूत है कि पश्चिम बंगाल का राजनीतिक मौसम किस तरह बदल रहा है. बीजेपी हमलावर ने हमलावर होते हुए इस एपिसोड को सियासी डकैती बताया है.

टीएमसी में भगदड़?

बंगाल में अभी सियासी बिगुल नहीं बजा है लेकिन बीजेपी और टीएमसी लंबे समय से चुनावी तैयारी कर रही हैं. आइए बताते हैं कि कौन हैं मौसम नूर और कैसा रहा उनका अबतक का सियासी सफर. मौसम का ‘सियासी’ नूर भी देखते बनता है. 46 साल की नूर सियासत का जाना-पहचाना चेहरा हैं. 2009 से 2019 के बीच कांग्रेस के टिकट पर मालदा से दो बार लोकसभा सांसद रहीं नूर बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई थीं.

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नूर कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेताओं जयराम रमेश, पार्टी महासचिव व पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर तथा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शुभंकर सरकार की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुईं नूर का राज्यसभा का कार्यकाल इसी साल अप्रैल में समाप्त हो रहा है. उनके पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव मालदा जिले से लड़ने की संभावना है. 

नूर का बयान

पूर्व केंद्रीय मंत्री गनी खान चौधरी के परिवार से आने वाली नूर ने कहा, ‘मैं कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे फिर घर वापसी का मौका दिया. ये मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी जान लगा दूंगी. बंगाली लोग, खासकर मालदा के लोग कांग्रेस और उसकी धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधारा में विश्वास करते हैं.’

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नूर का कनेक्ट आम जनता से जुड़ाव वाला बताया जाता है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी को ये उम्मीद है कि नूर के आने से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना होने के साथ वोट बैंक में भी इजाफा हो सकता है.