शिवपुरी: बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण ने विकराल रूप धारण कर लिया है. जिसकी वजह से हर दिन हजारों की संख्या में लोग मारे जा रहे हैं. बावजूद इसके लोग कोरोना को सिरियसली नहीं ले रहे हैं और तरह-तरह के टोना-टोकटा कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा तहसील के राजगढ़ गांव से से आया है. यहां पर कोरोना भगाने के लिए लोगों ने माता मंदिर पर भंडारा आयोजित कर दिया. 

जिसकी वजह से यहां पर 500 से 600 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. इस बात की जानकारी जब प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को हुई तो वे मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम को बंद कराने लगे. इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर ही पथराव कर दिया. इस पथराव में थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मी जख्मी हो गए हैं. जबकि पुलिस के संग खड़ा पुजारी भी घायल हो गया. वहीं, मामले में पुलिस ने पांच नामजद सहित 70 से 80 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है. 

जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली की राजगढ़ गांव के माता मंदिर पर भंडारा किया जा रहा है. जहां पर 500 से 600 से लोगों की भीड़ भी उमड़ी है. जिसके बाद अमोला थाना पुलिस गाड़ियों से राजगढ़ रवाना हुई. गाड़ी का सायरन सुनकर अधिकांश पुरुष भाग गए. जबकि कुछ महिलाएं व कुछ पुरुष रह गए थे. इस दौरान वहां पहुंची पुलिस लोगों को समझा रही थी. 

इसी बीच मंदिर के पीछे छिपे गांव के कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया. अचानक हुए पथराव से पुलिस को संभालने तक का मौका नहीं मिला. वहीं, पुलिस को देख जो लोग भंडारे से भाग गए थे वो भी वापस लौट आए और पुलिस पर पथराव करने लगे, जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गए.

पथराव में मंदिर पर पहले से रहने वाले बाबा के सिर पर भी एक पत्थर लग गया. जिससे बाबा मुंह के ही बल जमीन पर गिर पड़े. बाबा के मुंह से खून भी निकलने लगा. पुलिस की नजर जब बाबा पर पड़ी तो पुलिस उन्हें उठाकर गाड़ी में लादकर प्राथमिक उपचार के लिए ले गई. 

पथराव में ये पुलिसकर्मी हुए घायल
इस पथराव में थाने के आरक्षक प्रमोद कुशवाह, अर्जुन रावत, नागेंद्र जाट, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रामहेतसिंह, आरक्षक रामलक्षण, एसआई पुनीत बाजपेयी घायल हो गए हैं. इसके अलावा थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह यादव और  दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है. 

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