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विदिशा. मां बनने का एहसास हर शादीशुदा महिला के लिए सबसे खास माना जाता है. क्योंकि एक महिला जब मां बनती है तो उसकी जिंदगी की एक नई शुरूआत होती है. लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. क्योंकि यहां एक शादीशुदा महिला को डॉक्टर 3 माह का गर्भ बता कर, 2 महीने तक महंगी महंगी दवाई लिखती रहे और जांच कराने पर पता चला कि महिला प्रेग्नेंट ही नहीं थी. ऐसे में महिला के मां बनने का अरमान टूट गया. 

महिला नहीं थी प्रेग्नेंट 
दरअसल, गंजबासौदा तहसील के ग्राम करौंदा की रहने वाली पीड़िता महिला जो लगभग दो माह पूर्व पेट दर्द की शिकायत को लेकर अपने पति के साथ शासकीय महिला चिकित्सक लीना शर्मा के निवास क्लीनिक पर पहुंची. जहां महिला चिकित्सक द्वारा पीड़ित महिला  को बताया कि वह प्रेग्नेंट है, उसे 3 माह का गर्भ है महिला चिकित्सक ने उस महिला का प्रेगनेंसी का इलाज चालू कर दिया.  प्रेगनेंसी की बात से महिला के परिवार में खुशी का माहौल छा गया. 

डॉक्टर ने लिखी महंगी दवाइयां 
महिला डॉक्टर द्वारा लिखी गई महंगी महंगी दवाइयों का सेवन करती रही. लेकिन डेढ़ माह बाद पीड़ित महिला को इंटरनल ब्लिडिंग की शिकायत हुई, तो वह फिर से महिला चिकित्सक लीना शर्मा के क्लीनिक पर पहुंची और महिला चिकित्सक को समस्या से अवगत कराया, जिस पर महिला चिकित्सक द्वारा सोनोग्राफी कराने को कहा गया आनन-फानन में  महिला अपने पति के साथ सोनोग्राफी के लिए विदिशा पहुंची लेकिन सोनोग्राफी के बाद मानो पीड़ित महिला मुस्कान और उसके परिवार पर गाज गिर गई. क्योंकि उसे पता चला कि उसका पेट में किसी प्रकार का गर्भ नहीं है. यानी 3 महीने का जिस महिला चिकित्सक ने कहकर खुशियां की बौछार लगा दी थी एक पल में ही सिमट गई पूरा परिवार दुखी हो गया. 

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डॉक्टर ने झाड़ा पल्ला
जब इस मुद्दे पर महिला के पति ने चिकित्सक डॉक्टर लीना शर्मा को अवगत कराया, तब महिला चिकित्सक द्वारा अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए पीड़ित महिला से कहा “इसमें मैं क्या कर सकती हूं.”महिला चिकित्सक के शब्द सुनकर महिला और उसके पति के द्वारा डॉक्टर की योग्यता प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिये. जिस पर महिला चिकित्सक कुछ भी कहने से बचते नजर आईं.

पीड़ित परिजनों ने CMHO से की शिकायत 
घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने मामले की पूरी शिकायत CMHO से की है. पीड़ित पक्ष द्वारा महिला चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही आरोप लगाते हुए कलेक्टर और सीएचएमओ के नाम एक शिकायती ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है. बता दें  की महिला चिकित्सक लीना शर्मा शासकीय चिकित्सालय गंजबासौदा में वरिष्ठ चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं, इसलिए इस मामले की शिकायत बीएमओ डॉक्टर रविंद्र चिढार से भी की गई. डॉक्टर रविंद्र चिढार ने फिलहाल जांच कर दोशी पाए जाने पर कार्यवाही करने की बात कही है. 

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