Madhepura: मधेपुरा में 800 करोड़ की लागत से बना जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापना काल से हीं अपने कम संसाधन का रोना रो रहा है. लेकिन विपदा की इस घड़ी में भी अस्पताल कम संसाधनों के बाद लोगों का पूरा इलाज कर रहा है. इस दौरान अस्पताल में आए ज्यादातर लोग सही हो कर अपने घर वापस लौटे हैं. 

हाल में ही इस अस्पताल को लेकर डीएम श्याम बिहारी मीणा से शिकायत की गई थी. इस शिकायत में कहा गया था कि अस्पताल में डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मचारी अनुपस्थिति रहते हैं. जिस पर डीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल का दौरा किया था. इस दौरान जब उन्होंने अस्पताल का दौरा किया तो उन्होंने सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया है.  

इस दौरान डीएम ने कहा कि उन्हें अस्पताल में किसी भी तरह की कोई भी कमी नहीं दिखी है. सब लोग अच्छे से अपना काम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में 24 घंटें कोई न कोई डॉक्टर जरुर रहे. इस दौरान अस्पताल में 78 मरीज भर्ती है जिसमे 44 ऑक्सीजन सपोर्ट है. जिनका पूरा इलाज किया जा रहा है. 

इस दौरान उन्होंने लोगों से कहा कि आप लोगों को भी अस्पताल में काम कर रहे लोगों का सहयोग करना होगा. इस समय हालात काफी ज्यादा ख़राब हैं. ऐसे में हम सब एक दूसरे की मदद करके इससे बाहर आ सकते है. 

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ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अंजनी कुमार ने बताया कि भले हीं मधेपुरा जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापना काल से हीं अपने कम संसाधन का रोना रो रहा है.लेकिन फिलहाल अस्पताल के अधीक्षक डॉ.राकेश कुमार और प्राचार्य डॉ.जीके मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जेकेटीएमसीएच ने मिशाल पेश की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि अस्पताल से करीब 95 फीसदी लोग सही होकर अपने घर वापस जा रहे हैं. इसके बाद भी लोग गलत तरह के आरोप लगा रहे हैं, जोकि गलत है. उन्होंने लोगों से सहयोग मंगाते हुए कहा कि इस कठिन समय में हमे लोगों के सहयोग की जरूरत है ताकि हम इस महामारी को जल्द से जल्द हरा सके.

(इनपुट: शंकर)