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भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले इस बार सबसे ज्यादा ग्रामीण स्तर पर भी बढ़े हैं. ऐसे में अब सरकार गांवों में संक्रमण की दर कम करने पर फोकस कर रही हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना के विरुद्ध विकट युद्ध जारी है. ग्राम स्तर तक पहुंच चुका यह युद्ध पंच-सरपंच, जनपद और जिला पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग के बिना नहीं जीता जा सकता है. इस युद्ध में पंचायत प्रतिनिधि ही अपने-अपने क्षेत्र के सेनापति हैं. सभी को कोरोना कर्फ्यू, किल-कोरोना अभियान, टेस्टिंग, मेडिकल किट वितरण और टीकाकरण में हर संभव सहयोग करते हुए अपने गांव और प्रदेश को 31 मई तक कोरोना मुक्त करने का लक्ष्य रख कर कार्य करना होगा. 

सीएम ने कहा पंचायत स्तर पर लेनी होगी जिम्मेदारी 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधियों को कोविड-19 के नियंत्रण की रणनीति के संबंध में निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग द्वारा संबोधित कर रहे थे. यानि अब गांव में सरपंच की जिम्मेदारी सबसे अहम होगी. गांव के सभी जनप्रतिनिधि मिलकर कोविड को कम करने की दिशा में काम करेंगे. सीएम ने कहा कि हमारा प्रदेश कठिन दौर से गुजरा है. कोरोना के प्रकोप से अस्पताल भरे थे, ऑक्सीजन नहीं मिल रही थी. रेमडेसिविर इंजेक्शन का अभाव था. लगातार प्रयासों से व्यवस्थाएँ स्थापित हुई हैं. यदि लापरवाही बरती तो प्रदेश फिर कोरोना के दुष्चक्र में फंस जायेगा. इसलिए अब ग्रामीणों को जागरूकता से काम करने होगा. 

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‘अपना गाँव-कोरोना मुक्त गाँव’ के संकल्प पर कार्य करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायत प्रतिनिधि 31 मई तक अपनी ग्राम पंचायत को कोरोना मुक्त करने का संकल्प लें और इस दिशा में एकजुट होकर प्रयास करें. अपना गाँव कोरोना मुक्त गाँव का संकल्प लेकर इसे पूरा करना है. सीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि कोरोना के विरुद्ध यह लड़ाई उनके सहयोग के बिना नहीं जीती जा सकती है. पंच, सरपंच, जिला और जनपद पंचायत प्रतिनिधि और क्राइसेस मेनेंजमेंट कमेटी के सदस्यों को जिम्मेदारी संभालनी होगी. 

कोरोना कर्फ्यू का पालन हो
मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि आने वाले समय में प्रतिदिन सावधानी जरूरी है. हर गाँव में कोरोना कर्फ्यू का पालन किया जाये. गाँव के बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का टेस्ट हो, जो भी पॉजिटिव आये, उसका तत्काल उपचार किया जाये. उपार्जन, तेंदूपत्ता संग्रहण और पत्ता जमा कराने में भीड़ नहीं लगे. जिन गाँवों में संक्रमण है, वहाँ विशेष सावधानी बरती जाये. मनरेगा के कार्यों में कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों का ध्यान रखा जाये और 31 मई तक शादी-विवाह जैसी भीड़ भरी गतिविधियां टाली जायें. यह सुनिश्चित किया जाये कि किल-कोरोना अभियान की टीमें घर-घर जायें और सर्दी खाँसी से प्रभावित प्रत्‍येक व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराये जायें. कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों को होम आइसोलेशन में या आवश्यकता होने पर कोविड केयर सेंटर में रखा जाये. 

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