कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों तूफान मचा हुआ है. आबकारी मंत्री आरबी तिम्मापुर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बीजेपी उनके इस्तीफे की मांग कर रही है. इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और राज्य सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी/बीटी मंत्री प्रियांक खरगे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी बिना किसी ठोस सबूत के ही शराब विभाग के मंत्री आरबी तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग कर रही है. यही नहीं खरगे ने बीजेपी को खुली चुनौती देते हुए यह तक कह दिया है “एक सबूत दिखा दो, मंत्री खुद इस्तीफा दे देंगे. सिर्फ आरोप लगाना राजनीति नहीं होती.”
क्या है पूरा मामला?
बीजेपी का आरोप है कि कर्नाटक के आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और इसके लिए मंत्री आरबी तिम्मापुर जिम्मेदार हैं. इसी को लेकर बीजेपी ने विधानसभा के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बीजेपी विधायकों ने यहां तक कि विधानसभा परिसर में रातभर धरना भी दिया और सरकार पर मंत्री को बचाने का आरोप लगाया.
प्रियंक खरगे का पलटवार
इस पूरे विवाद पर प्रियंक खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 10 दिनों से ज्यादा समय से बीजेपी विधान परिषद और विधानसभा में यह मुद्दा उठा रही है, लेकिन आज तक एक भी तारीख, समय या घटना का ठोस विवरण नहीं दिया. उन्होंने कहा, “वे सिर्फ नाटक कर रहे हैं, गैलरी में तालियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं.” प्रियंक खड़गे ने चुनौती दी कि अगर बीजेपी के पास सिर्फ एक भी छोटा-सा सबूत है, तो तिम्मापुर तैयार हैं इस्तीफा देने के लिए. उन्होंने आगे कहा, “जब हम कांग्रेस में रहते हुए कोई मुद्दा उठाते थे, तो हमेशा हार्ड एविडेंस के साथ उठाते थे. जांच एजेंसियों को सौंपते थे. लेकिन बीजेपी के राज में जब ADGP स्तर के अफसर घूसखोरी के मामले में पकड़े गए, तब कोई इस्तीफा नहीं दिया. PSI घोटाले में होम मिनिस्टर ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? अब वे सबूत लाएं, हम बहस के लिए तैयार हैं.”
कब गरमाया मामला?
यह पूरा विवाद तब गरमा गया जब बीजेपी ने मंगलवार रात विधान सौधा में रात भर धरना दिया. विपक्ष के नेता आर अशोक और कई विधायक विधानसभा परिसर में ही सोए, और शराब विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की. बीजेपी का दावा है कि विभाग में लाखों-करोड़ों की रिश्वत ली जा रही है, लाइसेंस के लिए पैसा वसूला जा रहा है. लेकिन सरकार का कहना है कि बिना प्रमाण के ये सिर्फ राजनीतिक आरोप हैं. प्रियंक खड़गे ने बीजेपी को याद दिलाया कि उनके राज में ऐसे कई आरोप लगे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा, “अगर कोई अफसर मंत्री या सीएम के नाम पर रिश्वत ले रहा है, तो उसके खिलाफ एक्शन होना चाहिए, लेकिन मंत्री को क्यों इस्तीफा देना पड़े?”
BJP से सवाल- सबूत कहां हैं?
प्रियंक खरगे ने बीजेपी से तीखे सवाल पूछते हुए कहा- अपराध कहां हुआ? अपराध से मिली रकम कहां है? सबूत क्यों नहीं दिखाए जा रहे? उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीजेपी शासनकाल में जब बड़े अधिकारी घोटालों में गिरफ्तार हुए थे, तब किसी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया था.
इस्तीफे की खुली चुनौती
खरगे ने दो टूक कहा कि कांग्रेस बिना सबूत किसी पर कार्रवाई नहीं करती. “एक भी ठोस सबूत लाओ, मंत्री आरबी तिम्मापुर उसी दिन इस्तीफा दे देंगे.”
राज्य की राजनीति में बढ़ता टकराव
इस बयान के बाद कर्नाटक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में और ज्यादा गरमाने के आसार हैं.
