केरल ऐसा राज्य हैं, जहां इस साल कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में अपने लिए उम्मीद दिख रही है. अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई, उससे पहले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने लेफ्ट की तारीफ कर दी. खास बात यह है कि सिर्फ लेफ्ट के शासन की तारीफ नहीं की बल्कि कांग्रेस नेताओं के रवैये की आलोचना करते हुए अफसोस भी जाहिर कर दिया. आगे उन्होंने सीएम पिनरई विजयन की फिर से सरकार बनने की भविष्यवाणी कर दी.
तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में अय्यर ने कहा, ‘1931 में महात्मा गांधी से पूछा गया था कि भारत के लिए आपका सपना क्या है? अपना सपना बताने के बजाय गांधीजी का जवाब था- मैं ऐसे भारत के लिए काम करूंगा जिसमें सबसे गरीब लोग भी महसूस करेंगे कि यह उनका देश है, जिसे बनाने में उनकी असरदार आवाज है.’ आगे अय्यर ने लेफ्ट शासित केरल राज्य की सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अजीब बात है कि भारत में एकमात्र राज्य जहां गांधीजी की सोच के हिसाब से तरक्की हुई है, वह भारत की मार्क्सवादी-लेनिनवादी पार्टी का शासन वाला राज्य है. कुछ लोगों ने धीरे से ताली बजाई.
Mr. Mani Shankar Aiyar has had no connection whatsoever with the Congress for the past few years. He speaks and writes purely in his personal capacity. pic.twitter.com/0SIVitRB95
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— Pawan Khera (@Pawankhera) February 15, 2026
आगे उन्होंने हंसते हुए माहौल को लाइट करते हुए मंच की तरफ देखते हुए कहा कि मैं नहीं जानता कि यह कॉम्पलिमेंट है या अपमान. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुंह से लेफ्ट शासन की प्रशंसा का वीडियो सीएम पिनरई विजयन के ऑफिस ने जारी किया है.
कांग्रेस ने कहा, उनका पार्टी से लेना देना नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आगे केरल की लेफ्ट सरकार के फिर से जीतने की भविष्यवाणी कर दी. हां, मणिशंकर अय्यर ने कह दिया कि केरल में पिनरई विजयन फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे. खबर मीडिया के जरिए सोशल मीडिया पर फैलने लगी तो कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा को सफाई जारी करनी पड़ी. उन्होंने लिखा कि मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं है. वह पूरी तरह से अपनी निजी हैसियत से बोलते हैं और लिखते हैं.
बताया जा रहा है कि केरल कांग्रेस के नेताओं ने अय्यर और दूसरे नेताओं से इस इवेंट में न आने के लिए कहा था क्योंकि यह एक प्रि-इलेक्शन प्रमोशनल इवेंट माना जा रहा था. लेकिन अय्यर आए तो कांग्रेस के लिए मुसीबत बढ़ा गए.
