
Mine explosion: मेघालय से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां कोयला खदान में विस्फोट के दौरान मारा गया व्यक्ति दाह संस्कार के तीन दिन बाद घर लौट आया. जिसको देखकर उसका परिवार और प्रशासन हैरान रह गए. घटना असम के श्रीभूमि जिले के रताबारी की बताई जा रही है. जहां श्यामबाबू सिन्हा नाम का युवक खदान विस्फोट में मारे जाने की आशंका के तीन दिन बाद घर लौट आया.
दरअसल, मेघालय के पूर्वी जंयतिया हिल्स में एक अवैध रैट होल कोयला खदान में हुए विस्फोट के दौरान 31 लोगों मारे गए थे. यहां 5 फरवरी को थांगस्कू इलाके के म्यंसंगट गांव में कथित तौर पर डायनामाइट का उपयोग कर खदान में ब्लास्ट किया गया था. जिसके बाद 9 फरवरी को सरकार ने विस्फोट स्थल पर खोज और बचाव अभियान को रोक दिया था. क्योंकि वहां रेस्क्यू कर रही टीमों ने खदान के अंदर फंसे जीवित लोगों के पता लगाने की संभावनाओं को नकार दिया था.
तीन दिन बाद श्यामलाल लौटा घर
इस घटना में श्यामबाबू सिन्हा के मारे जाने की आशंका थी, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया था. लेकिन इसके तीन दिन बाद वह जब घर लौटा तो परिवार और प्रशासन उसे देखकर चौंक गए. जिसके बाद जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था उसकी पहचान को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सूत्रों के अनुसार हादसे में मारे गए लोगों के शवों को पहचान प्रक्रिया के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया था. लेकिन अब इस प्रक्रिया की जांच चल रही है.
प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या शवों की पहचान प्रक्रिया को जल्दबाजी में किया गया. इतना ही नहीं, सवाल इसको लेकर भी उठ रहा है कि खदान में गहरी खामियां हुई, जिनको छुपाया जा रहा है. हालांकि, पहले इस हादसे को बेहद दर्दनाक बताया जा रहा था. लेकिन अब जिस तरह की चौंकाने वाली घटना हुई है उसने प्रशासन को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है.
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