
नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ का विवाद कोर्ट तक पहुंच गया, जिसके बाद फिल्म का टाइटल बदलने का आदेश दिया गया. वहीं अब एक और अपकमिंग फिल्म को लेकर बवाल मच गया है. 27 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ लोग सड़क पर उतर आए हैं. मगर अब ये मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है. यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म निर्माता-निर्देशक के खिलाफ मुख्य कलाकारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है. आइए जानते हैं कि आखिर फिल्म को लेकर विवाद क्यों हो रहा है.
फिल्म की कास्ट
27 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को डायरेक्टर अंकित बड़ाना ने तैयार किया है, तो वहीं फिल्म के प्रोड्यूसर संदीप तोमर हैं. इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस के तौर पर बिग बॉस फेम यूट्यूबर मृदुल तिवारी की बहन प्रगति तिवारी नजर आएंगी. वहीं फिल्म में लीड एक्टर का किरदार विशाल मोहन निभाएंंगे. वहीं अंकित बड़ाना, सुविंदर विक्की और रजत तनवर भी अहम भूमिकाओं को निभाते हुए दिखाई देंगे.
क्या कहती है फिल्म की कहानी?
फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ का कहानी शुरू होती है सिंपल यादव (प्रगति तिवारी) एक शांत, घरेलू लड़की से, जो प्यार और हालात के बीच फंसी हुई दिखाई देती है. तो वहीं उसका पहला प्यार वसीम अख्तर (विशाल मोहन) है. मगर उसका परिवार उसकी शादी अभिमन्यु यादव (अंकित भड़ाना) से करवा देना चाहता है. वहीं फिल्म की कहानी आगे चलकर दिल टूटने, पॉलिटिकल ताकतों, सोशल स्टिग्मा और इमोशनल ट्रॉमा का रुप ले लेती है.
क्यों हो रहा है विवाद?
फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को विवाद इसलिए हो रहा है क्योंकि यादव समुदाय का कहना है कि फिल्म का टाइटल कॉन्ट्रोवर्शियल है और फिल्म की टीम जानबूझकर एक खास कम्युनिटी को निशाना बना रही है. वहीं प्रोटेस्टर ने सड़कों पर उतरकर फिल्म के पोस्टर को जलाया है और न्यायालय से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
एफआईआर में क्या कहा गया?
खबरों की मानें तो, निर्माता-निर्देशक समेत चार पर एफआईआर अब तक दर्ज की जा चुकी हैं. ये एफआईआर बुधवार को संभल जिले की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी में फाइल की गईं. शिकायत करने वाले शख्स ने फिल्म की कहानी को यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है. वहीं उनका कहना है कि फिल्म में समाज को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे पूरे समुदाय की छवि खराब हो सकती है. इसी वजह से फिल्म को तुरंत बैन करने की मांग की है.

