
Odisha News: गांव-देहात में बहुत सारी महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं और वट सावित्री की पूजा करती हैं. वट वृक्ष की पूजा का इतिहास महाभारत से जुड़ा हुआ है, पौराणिक कथाओं के मुताबिक एक बार जंगल में लकड़ियां काटते समय सत्यवान बेहोश हो गए और उन्हें लेने के लिए यमराज आए लेकिन उनकी पत्नी सावित्री ने चतुराई से अपने पति सत्यवान के जीवन को बचा लिया. उन्होंने यमराज से 100 पुत्रों की मां बनने का वरदान मांगा, फिर विवश होकर यमराज ने उनके पति के प्राण को लौटा दिया. ओडिशा में भी एक महिला जंगली भालू से लड़कर अपने पति की जिंदगी को बचाया है. जिसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है.
अदम्य साहस का दिया परिचय
ओडिशा की एक महिला के पति पर भालू ने हमला कर दिया, भालू को हमला करते देख महिला ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अपने पति की जान बचाई, महिला ने कुल्हाड़ी से भालू से लड़ाई लड़ी. यह घटना करंजिया के मिलू गांव में हुई, करंजिया फॉरेस्ट के रेंजर प्रशांत कुमार स्वैन ने बताया कि मालदे सोरेन और उनकी पत्नी लिली सोरेन जंगल में पत्ते इकट्ठा करने गए थे, तभी अचानक उनका सामना छह जंगली भालुओं के झुंड से हो गया.
अचानक किया हमला
भालुओं में से एक ने अचानक मालदे पर हमला कर दिया, जानवर ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया, लिली ने अपनी जगह पर डटी रही और भालू का सामना किया. लिली ने टंगिया (एक पारंपरिक कुल्हाड़ी जैसा औजार) का इस्तेमाल करके उसका मुकाबला किया. जिसकी वजह से भालू घायल हो गया और वह जंगल में भाग गया.
पहले भी सामने आए हैं मामले
बता दें कि कुछ दिन पहले झारखंड के हजारीबाग जिले में जंगली हाथियों के झुंड द्वारा एक परिवार के चार सदस्यों समेत छह लोगों को कुचलकर मार डाला गया था. जिसकी वजह से उस इलाके में दहशत का माहौल था. इसे लेकर हजारीबाग ईस्ट डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) विकास कुमार उज्ज्वल ने बताया था कि झुंड रात को चुरचू ब्लॉक के गोंदवार गांव में घुसा था और लोगों को मार डाला था.

