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Why is PM Modi holding a public meeting in Singur: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सिंगूर के बहाने राजनीति गरमाने जा रही है. इस साल राज्य में होने जा रहे असेंबली चुनाव से पहले पीएम मोदी बंगाल को मथने में लगे हैं. अपने बंगाल दौरे के दूसरे दिन यानी रविवार को वे हुगली जिले में आने वाले सिंगूर में 830 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. साथ ही जनसभा को संबोधित कर ममता सरकार पर भी निशाना साधेंगे. बीजेपी ने इस सभा को भाजपा की “परिवर्तन संकल्प रैली” का नाम दिया है. 

दोपहर 3 बजे सिंगूर पहुंचेंगे PM मोदी

विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिंगूर दौरा केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है. इसे  राजनीतिक संकेतों से भरा हुआ अहम दौरा माना जा रहा है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार पीएम मोदी दोपहर करीब तीन बजे सिंगूर पहुंचेंगे. वे बुनियादी ढांचे, रेलवे और बंदरगाह से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं की नींव रखेंगे. 

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इस दौरान वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 3 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें हावड़ा–आनंद बिहार टर्मिनल, सियालदह–वाराणसी और संतरागाछी–तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं. सरकार का दावा है कि इन ट्रेनों से लंबी दूरी की यात्रा अधिक किफायती, सुविधाजनक और भरोसेमंद हो जाएगी. 

सिंगूर को लेकर असहज महसूस कर रही TMC

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि इस दौरे को केवल विकास परियोजनाओं तक नहीं देखा जाना चाहिए. असल में इसके बहाने पीएम मोदी बंगाल की जनता को बड़ा संदेश देने जा रहा है. जिसकी आंच सीएम ममता और उनकी पार्टी टीएमसी अभी से महसूस कर रही हैं. 

असल में पीएम मोदी ने विकास कार्यों और जनसभा के लिए जिस सिंगूर का चयन किया है. यह वही जगह है, जिसने लगभग दो दशक पहले बंगाल की राजनीति बदल दी थी. टाटा नैनो परियोजना को लेकर हुए भूमि अधिग्रहण और उसके खिलाफ चले आंदोलन ने ममता बनर्जी को प्रदेश में बड़ा राजनीतिक चेहरा बना दिया था. इस आंदोलन के बाद नैनो परियोजना बंगाल छोड़कर गुजरात चली गई. सथ ही 2011 में वाममोर्चा के 34 साल पुराने शासन का भी अंत हो गया.

‘विकास बनाम अवरोध’ का संदेश देने की तैयारी

नैनो परियोजना का यह हश्र देखकर बाकी उद्यमियों ने बंगाल से किनारा कर लिया और उसके बाद से राज्य में कोई बड़ा निवेश नहीं हुआ. अब उसी सिंगूर का चयन करके बीजेपी पीएम मोदी के इस दौरे को ‘विकास बनाम अवरोध’ के रूप में पेश करने की तैयारी में है. वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रही है.

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माना जा रहा है कि सिंगूर में जनसभा के जरिए बीजेपी यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि जिस भूमि पर कभी उद्योगों को रोका गया था, अब वहीं से विकास की नई शुरुआत होगी. भाजपा इस रैली के जरिए ममता सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना चाहती है. साथ ही अपने कार्यकर्ताओं में चुनावी ऊर्जा भी भरना चाहती है.

क्या बीजेपी का दांव हो पाएगा कामयाब?

इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने मालदा में करीब 3,250 करोड़ रुपये की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया. उन्होंने हावड़ा–गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर सहित चार नई अमृत भारत ट्रेनों को भी रवाना किया. इसके जरिए बीजेपी जनता को संदेश दे रही है कि मोदी सरकार बंगाल में बुनियादी ढांचे को लेकर आक्रामक रणनीति अपना रही है.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सिंगूर और नंदीग्राम जैसे इलाके बंगाल की राजनीति की धुरी रहे हैं. ऐसे में बीजेपी अब सीएम ममता का दांव उन्हीं पर आजमाना चाहती है. देखना होगा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा बीजेपी को कितना राजनीतिक लाभ दिला पाता है. साथ ही क्या सिंगुर एक बार फिर बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने जा रहे हैं.