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केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने सोमवार (29 सितंबर) को सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लगभग 79,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी. मीटिंग के दौरान आर्टिलरी रेजिमेंट के लिए लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MRLS) के लिए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट गोला-बारूद और भारतीय सेना के लिए इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन और इंटरडिक्शन सिस्टम Mk-II की खरीद के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी’ (AoN) को मंज़ूरी दी गई.

रक्षा मंत्रालय के मीडिया में दिए गए बयान के मुताबिक, लोइटर म्यूनिशन का इस्तेमाल टैक्टिकल लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए किया जाएगा, जबकि लो लेवल लाइट वेट रडार छोटे आकार के, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले मानवरहित हवाई सिस्टम का पता लगाएंगे और उन्हें ट्रैक करेंगे. रक्षा मंत्रालय ने आगे बताया, ‘लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाने के लिए पिनाका MRLS की रेंज और सटीकता को बढ़ाएंगे. बढ़ी हुई रेंज वाला इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन और इंटरडिक्शन सिस्टम Mk-II टैक्टिकल युद्ध क्षेत्र और भीतरी इलाकों में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करेगा.’

IAF के लिए अपडेटेड हथियारों की खरीदः रक्षामंत्रालय
भारतीय वायु सेना के लिए ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम, एस्ट्रा Mk-II मिसाइल, फुल मिशन सिमुलेटर और SPICE-1000 लॉन्ग रेंज गाइडेंस किट वगैरह की खरीद के लिए AoN को मंज़ूरी दी गई. ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम के शामिल होने से लैंडिंग और टेक-ऑफ की हाई डेफिनिशन हर मौसम में ऑटोमैटिक रिकॉर्डिंग करके एयरोस्पेस सुरक्षा माहौल में कमियों को पूरा किया जाएगा. बढ़ी हुई रेंज वाली एस्ट्रा Mk-II मिसाइलें लड़ाकू विमानों की दुश्मन विमानों को बड़ी दूरी से बेअसर करने की क्षमता को बढ़ाएंगी. हल्के लड़ाकू विमान तेजस के लिए फुल मिशन सिमुलेटर पायलटों की ट्रेनिंग को किफायती और सुरक्षित तरीके से बेहतर बनाएगा, जबकि SPICE-1000 भारतीय वायु सेना की लंबी दूरी की सटीक हमले की क्षमता को बढ़ाएगा.

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भारतीय नेवी को मिलेंगी ये सुविधाएं
भारतीय नौसेना के लिए बोलार्ड पुल (BP) टग्स, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (HF SDR) मैनपैक की खरीद और हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग रेंज (HALE) रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) को लीज पर लेने के लिए AoN दिया गया। BP टग्स के शामिल होने से नौसेना के जहाजों और पनडुब्बियों को सीमित पानी/बंदरगाह में बर्थिंग, अनबर्थिंग और पैंतरेबाज़ी में मदद मिलेगी। HF SDR बोर्डिंग और लैंडिंग ऑपरेशन के दौरान लंबी दूरी के सुरक्षित संचार को बढ़ाएगा, जबकि HALE RPAS हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही और विश्वसनीय समुद्री डोमेन जागरूकता सुनिश्चित करेगा.

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