Supreme Court On Data Privacy: सुप्रीम कोर्ट ने आज फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा को साफ साफ कह दिया है कि आप भारत से अपना बोरिया बिस्तर बांधकर जा सकते हैं. अब सवाल उठता है कि इन कंपनियों ने ऐसा क्या किया कि देश की सर्वोच्च अदालत ने इन्हें इतना बड़ा अल्टीमेटम दे दिया. सुप्रीम कोर्ट ने मेटा पर लोगों के निजी डाटा के गलत प्रयोग के मामले में लगे 213 करोड़ के जुर्माने पर सुनवाई की थी. चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली ने Meta की अपील पर सुनवाई करते हुए कंपनी को जमकर फटकार लगाई है.
यूजर्स का डेटा चुरी कंपनी
सुप्रीम कोर्ट ने आज ये साफ कर दिया कि मेटा को भारतीयों से जुड़ी हुई एक भी जानकारी किसी के साथ साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक बहुत महत्वपूर्ण उदाहरण दिया. मेटा और व्हाट्सएप भारतीय यूजर्स के साथ ‘Take it or leave it’ यानि या तो हमारी बात मानो या ऐप छोड़ दो वाला व्यवहार कर रहे हैं. आप किससे बात कर रहे हैं, कितनी देर बात कर रहे हैं, और किस लोकेशन से बात कर रहे हैं ये सब जिस तरह से ट्रैक किया जा रहा है. उस पर कोर्ट ने कहा कि ये ‘डाटा चोरी’ नहीं तो और क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जिस तरह से मेटा ने पहले व्हाट्सएप को खरीदा और फिर व्हाट्स एप का डाटा फेसबुक के साथ शेयर कर दिया. ये निजता के अधिकार का हनन नहीं तो और क्या है. इसपर मेटा और व्हाट्सएप की तरफ से पेश वकील ने दलील दी है कि ये सब उपभोक्ता की सहमति से किया जाता है. माइक और कैमरे को एक्सेस करने के लिए सहमति ली जाती है. उपभोक्ता कभी भी इससे ऑप्ट आउट कर सकते हैं. इस दलील पर कोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि आप अपनी सुविधाएं यहां से ऑप्ट आउट कर लें. यानी अपना पूरा बिजनेस समेट कर यहां से जा सकते हैं..
परमिशन के नाम पर यूजर्स का फायदा उठा रही कंपनी
मेटा के वकील ने दलील देते हुए कहा कि जब आप मेटा के फेसबुक या व्हाट्सएप को डाउनलोड करते हैं. तो उस वक्त आपको स्क्रीन पर एक मैसेज दिखता है. इस मैसेज में फोन और मैसेज तक पहुंच बनाने की परमिशन मांगी जाती है. एक आम आदमी क्या करता है. बिना मैसेज पढ़े या समझे वो OK या ALLOW करता जाता है. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या सड़क पर फल बेचने वाली गरीब महिला आपकी शर्तें समझ पाएगी? अदालत के सवालों के बाद मेटा ने हलफनामा दाखिल करने का प्रस्ताव रखा. इसे स्वीकार करते हुए अदालत ने मामला अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया. जब आप अपने फोन में मेटा का कोई ऐप डाउनलोड करते हैं तो ये दूसरी कंपनियों यानी थर्ड पार्टी से भी आपके बारे में जानकारी जुटाती हैं. हम आपको बताते हैं कि आपसे जुड़ी जो जानकारी इन एप्स के जरिये जुटाई जाती है वो इतनी संवेदनशील है कि इनसे आपको कंट्रोल किया जा सकता है. इन सारी जानकारियों के जरिये ही फेसबुक या मेटा के अन्य एप्स पर आपको एड्स दिखाए जाते हैं.
कैसे बेवकूफ बनाती है कंपनी?
आपने भी कई बार गौर किया होगा कि आप अगर किसी से जूते खरीदने की बात कर रहे हैं या फिर इंटरनेट पर आपने जूता सर्च किया होगा तो आपको इंस्टाग्राम और फेसबुक पर जूतों के एड्स दिखने लगते हैं. कुछ इसी तरह से आपके हर क्लिक और हर कदम का हिसाब किताब रखा जाता है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने इससे जुड़ा अपना एक
उन्होंने बताया कि अगर व्हाट्सएप पर किसी डॉक्टर से तबीयत बिगड़ने की बात की जाए, और डॉक्टर मैसेज में ही दवाई का नाम बता दें तो 5 से 10 मिनट के अंदर ई-मेल से लेकर यूट्यूब पर दवाइयों के प्रचार दिखने लगते हैं. आप ये जानकर चौंक जाएंगे, कि ये कंपनियां आपकी डिजिटल जासूसी नियमों के दायरे में रहकर कर रही हैं. क्योंकि इन्होंने टर्म्स एंड कंडीशंस के नाम पर अनजाने में आपसे अनुमति ले ली है. मेटा जैसी कंपनियां लाखों-करोड़ों की सैलरी देकर एक्सपर्ट्स को नौकरी देती हैं. जो इन टर्म्स एंड कंडीशंस को तैयार करते हैं. इनका काम यही होता है कि भाषा इतनी सरल दिखे कि आपको खतरा महसूस न हो, और कानूनी रूप से कंपनी पूरी तरह सुरक्षित रहे.
डाटा चोरी से कैसे बचें?
अगर आप नया अपडेटेड स्मार्ट फोन यूज कर रहे हों तो स्क्रीन के ऊपर दाएं कोने पर हमेशा ध्यान रखें. अगर यहां हरा या नारंगी बिंदु यानी डॉट दिखाई दे तो समझ जाइये कि कोई ऐप आपके कैमरा, माइक या लोकेशन का इस्तेमाल कर रहा है. आप इसपर क्लिक कर के ये जान भी सकते हैं कि किस एप ने कितनी बार आपके कैमरे, माइक और लोकेशन को ट्रेस किया है. इस डिजिटल जासूसी को बंद करने का तरीका है. इसके लिए आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाएं. प्राइवेसी ऑप्शन पर क्लिक करें. वहां परमिशन मैनेजर ऑप्शन पर जाएं. यहां आप देखेंगे कि कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन का एक्सेस किन-किन ऐप्स के पास है. जो ऐप गैर-जरूरी हैं उसपर क्लिक कर के आप इसे डोन्ट अलाओ भी कर सकते हैं या अलाओ वाइल यूजिंग एप यानी सिर्फ एक का इस्तेमाल करते वक्त ही इसे एक्सेस दे सकते हैं.
