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Nandigram Cooperative Agricultural Development Committee elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तीन महीने का वक्त रह गया है. सत्ता के फाइनल से पहले बीजेपी ने बंगाल में दीदी की पार्टी को तगड़ी पटखनी देते हुए एक अहम चुनावों में टीएमसी का सूपड़ा साफ कर दिया है. रविवार को नंदीग्राम सहकारी कृषि विकास समिति के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सभी नौ की नौ सीटें जीत ली हैं. वहीं सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक भी सीट नहीं मिली.

सुवेंदु का जलवा

नंदीग्राम सहकारी चुनावों में पार्टी की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. यह पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का विधानसभा क्षेत्र है, जहां से उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी. पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों से पहले, बीजेपी को मिली ये बंपर जीत पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर चुकी है.

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सुवेंदु अधिकारी लंबे समय से दावा कर रहे हैं ममता बनर्जी सरकार के दिन पूरे हो गए हैं. गौरतलब है कि नंदीग्राम को टीएमसी का गढ़ अधिकारी परिवार ने ही बनाया था. सुवेंदु, उनके पिता और भाई तीनों टीएमसी में थे. अब जबकि सुवेंदु के साथ उनका परिवार भी बीजेपी के साथ आ चुका है, नंदीग्राम में टीएमसी का किला भी ध्वस्त होता नजर आ रहा है. सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हरा चुके  हैं.

हुमायूं कबीर किसका गेम बिगाड़ेंगे?

पश्चिम बंगाल में अगले तीन महीने में चुनावी तारीख का ऐलान होना है. बीते दस सालों की तरह इस बार भी टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला होना है. . पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर राज्य में मुख्य विपक्षी भाजपा लगातार हमलावर है. कांग्रेस  भी ताल ठोक रही है. टीएमसी को इससे पहले एक बड़ा झटका तब लगा था जब ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद मौसम नूर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था. सभी दलों से अभी से तैयारी शुरू कर दी है और वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए मंदिर-मस्जिद की राजनीति भी शुरू हो चुकी है. 

टीएमसी के सस्पेंडेड विधायक हुमायूं कबीर अलग ताल ठोक रहे हैं. माना जा रहा है कि ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी इस बार पश्चिम बंगाल में सियासी ताल ठोकने के मूड में है.