
Rahul Gandhi: भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. इस दूषित पानी की वजह से 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. जबकि 100 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हैं. दूषित पानी वाले सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान वायरल हुआ था जिसके बाद सियासी पारा हाई हो गया है. अब लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा, घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान, जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी. सरकार ने घमंड परोस दिया. इसके अलावा क्या कुछ कहा जानते हैं.
फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
इसके अलावा राहुल गांधी ने कहा कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं – ये जवाबदेही की मांग है, साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है. इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है.
मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है, कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं.
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी…
January 2, 2026
10 से ज्यादा लोगों की हुई मौत
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं. यह मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तक पहुंच गया है. इस गंभीर मामले को लेकर हाई कोर्ट में दो अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं. याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के इंदौर बेंच ने मामले को गंभीर मानते हुए दो दिनों के भीतर सरकार से रिपोर्ट मांगी है.
